अलीगढ़ में सीनियर महिला हॉकी प्रतियोगिता के दौरान मैदान पर मैच खेलतीं खिलाड़ी।

अलीगढ़ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय सीनियर महिला हॉकी प्रतियोगिता का आगाज हुआ। पहले ही दिन कानपुर, मुरादाबाद, मेरठ और लखनऊ की टीमों ने जीत दर्ज कर अपने अभियान की शुरुआत की। वहीं, देवीपाटन, चित्रकूट, बरेली और बस्ती की टीमें एक भी गोल नहीं कर सकीं। बारिश के कारण मैदान गीला होने से मुकाबलों में देरी हुई और निर्धारित सात मैचों में से केवल चार ही खेले जा सके। प्रतियोगिता का फाइनल 17 अक्तूबर को खेला जाएगा।

सोमवार को महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्पोर्ट्स स्टेडियम के मैदान पर प्रतियोगिता का उद्घाटन मुकाबला कानपुर और देवीपाटन मंडल की टीमों के बीच खेला गया। इसमें कानपुर ने 5-0 गोल से जीत हासिल की। दूसरे क्वार्टर के 16वें मिनट में कानपुर की कप्तान मुस्कान ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह उनका और टीम का पहला गोल था। 19वें मिनट में मुस्कान ने दूसरा गोल दागकर बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद सोनिया ने दो और रिया ने एक गोल किया। देवीपाटन मंडल की टीम पूरे मुकाबले में एक भी गोल नहीं कर सकी।

दूसरे मुकाबले में मुरादाबाद की टीम ने चित्रकूट को 3-0 गोल से हराया। तीसरे मैच में मेरठ ने बरेली को 2-0 गोल से शिकस्त दी, जबकि चौथे मुकाबले में लखनऊ ने बस्ती को 3-0 गोल से पराजित किया। इस तरह पहले दिन चारों विजेता टीमों ने बिना कोई गोल खाए अपने मुकाबले जीते।

प्रतियोगिता के दौरान उत्तर प्रदेश के टेक्निकल अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय अंपायर अविनाश कुमार श्रीवास्तव, रजत चौधरी, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी महेंद्र सिंह बोरा और उत्तर प्रदेश हॉकी संघ के उपाध्यक्ष संजय गौतम ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। इस अवसर पर जिला क्रीड़ा अधिकारी पूनम लता, प्रमोद शर्मा, हर्ष कुमार और एसएम राशिद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

बारिश से गीला हुआ मैदान, मुकाबलों में देरी

सोमवार सुबह छह बजे बारिश होने के कारण हॉकी मैदान गीला हो गया। जिन स्थानों पर घास नहीं थी, वहां मिट्टी नम हो गई। इससे खिलाड़ियों को गेंद लेकर आगे बढ़ने में परेशानी हुई। मैदान के सूखने के बाद मुकाबले शुरू कराए गए। पहले दिन कुल सात मैच निर्धारित थे, लेकिन बारिश और मैदान की स्थिति के कारण केवल चार मुकाबले ही हो सके।

एशियाड में महिला हॉकी की सफलता से बढ़ा उत्साह

राष्ट्रीय हॉकी अंपायर रश्मि सिंह ने कहा कि एशियाड में भारतीय महिला हॉकी टीम के स्वर्ण पदक जीतने से बालिकाओं और महिलाओं में उत्साह बढ़ा है। महिला हॉकी ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि देश में महिला हॉकी प्रतियोगिताओं की संख्या बढ़ी है। जब वह खेलती थीं, तब महिलाओं के लिए नेहरू कप, स्कूल, महिला ओपन, जूनियर और सब-जूनियर प्रतियोगिताएं होती थीं। अब इनके अलावा आमंत्रण हॉकी प्रतियोगिता, स्टेट सीनियर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय सीनियर महिला हॉकी प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही हैं।

राष्ट्रीय खिलाड़ी वर्षा ने बताया कि उनका चयन स्कूल विश्वकप के लिए आयोजित कैंप में हुआ है। वह वहां बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह गोलकीपर हैं और उनकी आदर्श खिलाड़ी सविता पूनिया हैं।

राष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्या यादव ने कहा कि बचपन से ही भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा बनकर देश के लिए खेलने का सपना देखा था। उन्हें इंडिया अंडर-17 टीम के तहत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैत्री मैच खेलने का अवसर मिला।

राष्ट्रीय खिलाड़ी आकांक्षा मित्रा ने कहा कि देश के लिए खेलना उनके लिए गर्व की बात होगी। इसके लिए वह लगातार मेहनत कर रही हैं और मैदान पर पसीना बहा रही हैं, ताकि आगे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

घास और एस्ट्रोटर्फ पर खेल की अलग चुनौती

खिलाड़ियों के अनुसार, घास के मैदान और एस्ट्रोटर्फ पर हॉकी खेलने का अनुभव अलग-अलग होता है। घास के मैदान की सतह ऊबड़-खाबड़ होने के कारण गेंद कई बार उछल जाती है, जिससे उस पर नियंत्रण रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके विपरीत, एस्ट्रोटर्फ की समतल सतह पर गेंद अपेक्षाकृत तेजी और सहजता से आगे बढ़ती है। दोनों सतहों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को अपने फुटवर्क, गेंद पर नियंत्रण और गति के तालमेल में बदलाव करना पड़ता है।

मंडल मुख्यालय होने के बावजूद अलीगढ़ में एस्ट्रोटर्फ नहीं

मंडल मुख्यालय होने के बावजूद अलीगढ़ में एस्ट्रोटर्फ की सुविधा नहीं है। खिलाड़ियों के अनुसार, लखनऊ, आगरा, वाराणसी, इटावा, रामपुर, गाजीपुर, मऊ, मेरठ, सैफई, झांसी, फतेहपुर और रायबरेली सहित अयोध्या जैसे शहरों में एस्ट्रोटर्फ उपलब्ध है। ऐसे में अलीगढ़ में आयोजित प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता के दौरान मैदान की स्थिति और अलग-अलग सतहों पर खेलने की चुनौती भी सामने आई। प्रतियोगिता में अब सभी की निगाहें आगामी मुकाबलों और 17 अक्तूबर को होने वाले फाइनल पर रहेंगी।