डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर सवाई माधोपुर में हजारों जरूरतमंदों को कराया भोजन, दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
सवाई माधोपुर में डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर वतन फाउंडेशन ने "वतन के कलाम को हमारा सलाम" थीम के तहत "मोहब्बत की सद्भावना रसोई" और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। हजारों जरूरतमंदों को भोजन कराया गया और समाज में सेवा, सद्भाव व मानवता का संदेश दिया गया।
तस्वीर में सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया में वतन फाउंडेशन के बैनर के साथ खड़े स्वयंसेवक और गणमान्य नागरिक नजर आ रहे हैं।
सवाई माधोपुर, 27 जुलाई 2026। भारत रत्न एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक तथा युवाओं के प्रेरणास्रोत डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर वतन फाउंडेशन की ओर से रेलवे स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया, सवाई माधोपुर में सायं 6:00 बजे "वतन के कलाम को हमारा सलाम" की प्रेरणादायी थीम के अंतर्गत "मोहब्बत की सद्भावना रसोई" एवं "श्रद्धांजलि कार्यक्रम" का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, गणमान्य नागरिकों, युवाओं, महिलाओं तथा स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान हजारों जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन करवाकर सेवा, सद्भाव और मानवता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत रत्न डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। भोजन वितरण के पश्चात केंडल जलाकर तथा दो मिनट का मौन रखकर डॉ. कलाम को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सभी लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।
वतन फाउंडेशन के प्रवक्ता मोइन खान ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल सामाजिक सेवा करना ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे, आपसी सौहार्द एवं इंसानियत की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का सम्पूर्ण जीवन सेवा, सादगी, शिक्षा और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है तथा उन्हीं के आदर्शों से प्रेरणा लेकर संस्था निरंतर जनहित के कार्य कर रही है।
संगठन प्रमुख हुसैन आर्मी ने अपने संबोधन में कहा कि "मोहब्बत की सद्भावना रसोई" केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और अपनत्व पहुँचाने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना ही डॉ. कलाम को सच्ची श्रद्धांजलि है।
संरक्षक राजेश शर्मा ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन जनसहभागिता से ही संभव है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आमजन की सहभागिता ही इस आयोजन की वास्तविक शक्ति और प्रेरणा बनी है।
प्रोफेसर रामलाल ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, अनुशासन, नवाचार और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करे तो एक मजबूत और समरस भारत का निर्माण संभव है।
इस अवसर पर श्री मिश्रीलाल गोटेवाला ने कहा कि डॉ. कलाम का सपना विकसित भारत का था और उसे साकार करने की जिम्मेदारी आज की युवा पीढ़ी पर है। उन्होंने कहा कि सेवा और शिक्षा का समन्वय ही राष्ट्र की वास्तविक उन्नति का आधार बन सकता है।
श्रीमती रूमा नाज़ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में प्रेम, करुणा और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने वाले ऐसे आयोजन समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने वतन फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
श्री एडवोकेट रामस्वरूप साहू ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी संवेदनशीलता से होती है और जरूरतमंदों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। वहीं एडवोकेट दानिश खान ने कहा कि डॉ. कलाम के आदर्श हमें यही संदेश देते हैं कि ज्ञान और सेवा का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासित एवं सुव्यवस्थित तरीके से हजारों जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया। वतन फाउंडेशन की छबड़ा शाखा के एडवोकेट अकील अहमद अफज़ल खान, इरफान खान, अरशान सहित अन्य स्वयंसेवकों ने भी इस अवसर पर अपनी सेवाएं दीं।
श्रद्धांजलि सभा में मंजू गंगवाल, सुमन शर्मा, अनु जैन, पूजा मीना, गिर्राज सोनी, भोला विराज, अमन वाल्मीकि, विकार अहमद, मगरूब खान, मनोज लखवानी, जाबिर खान, लक्ष्मी चंद मलानी, सुरेश जैन, हरकचंद जैन, राजमल जैन, दीप जाटव, किशन महावर सहित उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने तथा सेवा, सद्भाव, मानवता और सामाजिक समरसता के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में वतन फाउंडेशन की ओर से सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा आयोजन को सफल बनाने वाले प्रत्येक सहयोगी के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही भविष्य में भी इसी प्रकार जनसेवा के कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।