जिला स्तरीय ऋण मेले में 483 लाभार्थियों को मिले 13.29 करोड़ के ऋण, स्वरोजगार को बढ़ावा

सवाई माधोपुर ऋण मेले में 483 लाभार्थियों को 13.29 करोड़ रुपये के ऋण वितरित, जानिए किन योजनाओं से मिला आर्थिक सहारा।

Update: 2026-08-01 11:56 GMT

तस्वीर में सवाई माधोपुर के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय ऋण वितरण मेले के दौरान मंच पर बोलते हुए अधिकारी और सामने बैठी भीड़ दिखाई दे रही है।

सवाई माधोपुर में शनिवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, मानटाउन में जिला स्तरीय ऋण वितरण मेले का आयोजन किया गया। जिला कलक्टर काना राम के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस मेले में विभिन्न बैंकों एवं विभागों के माध्यम से केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी ऋण योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं चेक प्रदान किए गए।

जिले में स्वरोजगार, उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत 483 लाभार्थियों को लगभग 13.29 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत एवं वितरित किए गए।

जिला कलक्टर काना राम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार सरकारी क्षेत्र में रोजगार के साथ अधिकाधिक युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बैंकिंग संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

जिला कलक्टर ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं, महिलाओं, किसानों, पथ विक्रेताओं, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों के पात्र ऋण प्रकरणों का सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा अनावश्यक रूप से कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रखा जाए। उन्होंने कहा कि ऋण वितरण का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लाभार्थियों को स्थायी आजीविका और रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

उन्होंने बैंक एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ऋण स्वीकृति के बाद भी लाभार्थियों से निरंतर समन्वय बनाए रखें, ताकि ऋण का सदुपयोग व्यवसाय एवं आजीविका संवर्धन में हो सके।

मेले में विभिन्न योजनाओं के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 138 लाभार्थियों को 2.96 करोड़ रुपये, भारतीय स्टेट बैंक द्वारा 135 लाभार्थियों को 2.29 करोड़ रुपये, राजस्थान ग्रामीण बैंक द्वारा 74 लाभार्थियों को 2.21 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 32 लाभार्थियों को 2.10 करोड़ रुपये तथा आईसीआईसीआई बैंक द्वारा 18 लाभार्थियों को 1.14 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत एवं वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त अन्य बैंकों द्वारा भी विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

ऋण वितरण मेले में पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, भीमराव अम्बेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना और राजीविका स्वयं सहायता समूह बैंक लिंकेज सहित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं चेक प्रदान किए गए।

समारोह के दौरान जिला कलक्टर काना राम ने भीमराव अम्बेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत उपेंद्र राजौरा को आईसीआईसीआई बैंक की ओर से 50 लाख रुपये, भारत गोल्ड बेकरी को बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से 22 लाख रुपये, देवनारायण को राजस्थान ग्रामीण बैंक की ओर से 9 लाख रुपये तथा रामसिंह मीना को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से 7 लाख रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र एवं चेक प्रदान किए।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत जलेबी देवी को बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 30 लाख रुपये और रजनी सिंह को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 5 लाख रुपये की ऋण सहायता दी गई। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत रवि बंसल को राजस्थान ग्रामीण बैंक द्वारा 5 लाख रुपये की ऋण सहायता प्रदान की गई।

जिला कलक्टर ने लाभार्थियों से संवाद कर उनकी व्यावसायिक एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

जिला कलक्टर काना राम ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नियमित ऋण एवं वित्तीय जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं, लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा पात्र व्यक्तियों को सरकारी ऋण योजनाओं एवं बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और बैंक आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करें कि वित्तीय संसाधनों के अभाव में किसी पात्र व्यक्ति का स्वरोजगार अथवा उद्यम स्थापित करने का सपना अधूरा न रहे।

कार्यक्रम में अग्रणी जिला प्रबंधक प्रदीप कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र पंकज मीना, बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक आर.एल. बुनकर, राजस्थान ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक सुदर्शन पारीख, आरसेटी निदेशक नीरज गोपालिया सहित विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय एवं शाखा प्रबंधक, विभागीय अधिकारी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, लाभार्थी एवं आमजन उपस्थित रहे।

जिला स्तरीय ऋण वितरण मेले ने स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं के माध्यम से जिले के पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


Tags:    

Similar News