सवाई माधोपुर: छात्राओं को साइबर अपराध और नशा मुक्ति के प्रति किया जागरूक

विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राजकीय कन्या महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, साइबर हेल्पलाइन 1930 और नालसा योजनाओं की दी गई जानकारी।

Update: 2026-04-21 10:10 GMT

सवाई माधोपुर के राजकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को संबोधित करते अतिथि और उपस्थित जनसमूह।

सवाई माधोपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम द्वारा मंगलवार को राजकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय सवाई माधोपुर में 'एम्पावरिंग राजस्थान यूथ, लीगल लिट्रेसी इनिशिएटिव' के अंतर्गत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों से आगाह करना और समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना रहा।

सचिव समीक्षा गौतम ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं एवं कॉलेज स्टाफ को संबोधित करते हुए साइबर अपराध के विभिन्न प्रकारों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को त्वरित न्याय सुनिश्चित करने हेतु राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 'साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को विधिक सेवाएं योजना 2026' संचालित की जा रही है। उन्होंने साइबर रिड्रेसल यूनिट की कार्यप्रणाली, शिकायतों के आवेदन की प्रक्रिया, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इसके अतिरिक्त, 'नालसा डॉन योजना 2025' के तहत नशे के पीड़ितों के प्रभावी पुनर्वास और उनके सामाजिक पुनः एकीकरण में विधिक सेवा प्राधिकरणों एवं समितियों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान डॉन यूनिट के सदस्य डॉ. गौरव चन्द्रवंशी ने नशीले पदार्थों जैसे शराब, गांजा, अफीम और तंबाकू के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, पारिवारिक विघटन और आर्थिक हानि के साथ-साथ अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति पर विस्तृत व्याख्यान दिया। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी नवलकिशोर मीना ने भी नशे के घातक दुष्परिणामों से छात्राओं को अवगत कराया, जबकि असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने साइबर अपराध की रोकथाम और नशीली दवाओं के उन्मूलन के कानूनी पहलुओं पर जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य धीरेंद्र सिंह, प्रोफेसर मनोज कुमार तोमर, डॉ. विजय सिंह मावई सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज की सुरक्षा के लिए एक निर्णायक कदम बताया।

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