सवाई माधोपुर में ठेका श्रमिकों को रखने वाले संस्थानों के लिए मुख्य नियोजक पंजीयन अनिवार्य
सवाई माधोपुर में ठेका श्रमिकों को नियोजित करने वाले सरकारी विभागों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों के लिए मुख्य नियोजक पंजीयन अनिवार्य किया गया है। सहायक श्रम आयुक्त राकेश कुमार मीना ने एलडीएमएस पोर्टल पर आवेदन और ठेकेदारों के लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सवाई माधोपुर जिले में ठेका श्रमिकों को नियोजित करने वाले सभी सरकारी विभागों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य मुख्य नियोजकों को श्रम विभाग में संस्थान का पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। सहायक श्रम आयुक्त राकेश कुमार मीना ने संबंधित संस्थानों को ठेका श्रम (विनियमन और उत्सादन) अधिनियम, 1970 के तहत मुख्य नियोजक के रूप में अनिवार्य पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं।
राकेश कुमार मीना ने बताया कि विभिन्न विभाग समय-समय पर निविदाएं जारी कर ठेकेदारों के माध्यम से ठेका श्रमिकों को नियोजित करते हैं। इसके बावजूद कई संस्थानों ने अधिनियम के तहत श्रम कार्यालय में मुख्य नियोजक के रूप में अपना पंजीयन नहीं कराया है। इससे संबंधित ठेकेदारों को, जिन्हें कार्यादेश मिल चुके हैं, श्रम विभाग से लाइसेंस प्राप्त करने में काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए संस्थान का मुख्य नियोजक के रूप में एक बार पंजीयन कराना और संबंधित ठेकेदारों के पास लाइसेंस होना कानूनी रूप से आवश्यक है। श्रम अधिनियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में अंतिम रूप से मुख्य नियोजक को ही जिम्मेदार माना जाएगा।
सहायक श्रम आयुक्त ने जिले के सभी संबंधित विभागों को पंजीकरण प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इनमें जिला परिषद, नगर परिषद, पीडब्ल्यूडी, जेवीवीएनएल, पीएचईडी, रीको, स्वास्थ्य विभाग, कृषि उपज मंडी, समसा और अन्य विभाग शामिल हैं।
निर्देशों के अनुसार, सभी संबंधित संस्थानों को विभागीय पोर्टल एलडीएमएस पर ऑनलाइन आवेदन कर मुख्य नियोजक के रूप में अपना पंजीकरण अविलंब सुनिश्चित करना होगा। साथ ही, संबंधित ठेकेदारों को भी श्रम अधिनियमों का पालन करने के लिए पाबंद करना होगा। इससे ठेका श्रमिकों से जुड़े कानूनी प्रावधानों के अनुपालन और संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।