सवाई माधोपुर में रणथम्भौर दुर्ग स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री त्रिनेत्र गणेश जी का तीन दिवसीय लक्खी मेला-2026 आगामी 13 से 15 सितम्बर तक आयोजित होगा। मुख्य मेला 14 सितम्बर को होगा। मेले में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम यातायात को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

बुधवार को जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में मेले की पूर्व तैयारियों को लेकर स्थानीय अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला कलक्टर ने मेले से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला कलक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को बोदल-खण्डार क्षेत्र से जंगल के रास्ते रणथम्भौर किले की ओर जाने वाले कच्चे मार्गों पर बेरिकेटिंग करवाने और सुरक्षा गार्ड तैनात करने के निर्देश दिए। साथ ही जंगल के अवैध कच्चे मार्गों से प्रवेश नहीं करने की चेतावनी देने वाले संकेतक बोर्ड लगाने को भी कहा।

मेले के दौरान वन क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने कहा कि परिक्रमा मार्ग पर यदि टाइगर का मूवमेंट रहता है तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग को कुछ समय के लिए बंद रखा जाए। जलभराव वाले स्थानों पर दो-दो सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स तैनात करने, आवश्यकता के अनुसार अस्थाई शौचालयों की व्यवस्था करने तथा गणेशधाम से जोगी महल तक साइलेंट जनरेटर के माध्यम से पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

मेले में साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। मेले के दौरान लगने वाली दुकानों के आवंटन की जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन को देते हुए जिला कलक्टर ने सफाई व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान सफाई कर्मचारी यूनिफॉर्म पहनकर सफाई कार्य करेंगे। यातायात व्यवस्था सुगम बनाए रखने के लिए दुपहिया एवं चौपहिया वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करवाने के निर्देश दिए गए।

बरसात के कारण क्षतिग्रस्त रणथम्भौर के गौमुखी मार्ग सहित अन्य सड़कों पर पेचवर्क कार्य 30 अगस्त से पूर्व पूरा करवाने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए गए। वहीं पुरातत्व विभाग एवं मंदिर ट्रस्ट को मंदिर परिसर के साथ-साथ मंदिर मार्ग पर भी नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करवाने के लिए कहा गया।

जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि नगर परिषद सीमा में किसी भी प्रकार का भण्डारा नहीं लगाया जाएगा। पंचायत समिति सीमा में अनुमति प्राप्त करने के बाद ही भण्डारे लगाए जा सकेंगे। उन्होंने भण्डारा संचालकों एवं श्रद्धालुओं से मेले को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की। साथ ही प्रतिबंधित प्लास्टिक के दोने, पत्तल, चम्मच, डिस्पोजल सहित अन्य सामग्री का उपयोग नहीं करने का आग्रह किया।

मेले के दौरान जोगी महल, गणेशधाम, मंदिर परिसर सहित सभी कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का पूर्णतः पालन करने के साथ मेले के प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर समुचित निगरानी रखने को भी कहा गया।

श्री त्रिनेत्र गणेश मेला-2026 के लिए जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आवागमन, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और वन क्षेत्र में निगरानी से जुड़ी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी है। जंगल के अवैध कच्चे मार्गों से प्रवेश पर रोक और संभावित टाइगर मूवमेंट की स्थिति में परिक्रमा मार्ग को अस्थायी रूप से बंद रखने के निर्देश सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को रेखांकित करते हैं।

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