सलूम्बर में बाल विवाह रोकथाम अभियान, सूचना पर ₹1100 इनाम

हिंडौन सिटी की अनिता जैन ने 13 माह की कठिन तपस्या के बाद अक्षय तृतीया पर मोहनखेड़ा तीर्थ में इक्षुरस ग्रहण कर व्रत पूर्ण किया।

Update: 2026-04-21 11:02 GMT

मोहनखेड़ा तीर्थ में अक्षय तृतीया के अवसर पर वर्षीतप का पारणा करतीं अनिता जैन (दाएं), साथ में इक्षुरस भेंट करतीं उनकी परिजन।

सलूम्बर, 21 अप्रैल 2026। अक्षय तृतीया और पीपल पूर्णिमा जैसे अवसरों पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए ज़िला प्रशासन सलूम्बर ने कड़ा रुख अपनाते हुए व्यापक निगरानी शुरू कर दी है। बाल विवाह के विरुद्ध जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ज़िला प्रशासन सलूम्बर और गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर के संयुक्त प्रयास से विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है, जिसमें आम नागरिकों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

अभियान के तहत बाल विवाह की पूर्व सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹1100 का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना भय के आगे आ सकें।

ज़िला कलेक्टर सभागार, सलूम्बर में आयोजित कार्यक्रम में ज़िला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. ने बाल विवाह रोकथाम संबंधी पोस्टर का विमोचन किया और इस पहल की सराहना करते हुए आमजन से अपील की कि वे बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक विशनाराम बिश्नोई ने बताया कि बाल विवाह की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन नंबर 8003528050 या चाइल्ड हेल्पलाइन पर दी जा सकती है, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस तथा गायत्री सेवा संस्थान द्वारा संचालित “एक्सेस टू जस्टिस” कार्यक्रम की जिला प्रभारी पायल कनेरिया ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर मानव तस्करी विरोधी यूनिट के अधिकारीगण सहित गायत्री सेवा संस्थान के प्रतिनिधि रमेश चौबीसा, नारायण लाल आहारी और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

यह पहल बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन की दिशा में प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी को रेखांकित करती है, जो भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित और अधिकारपूर्ण जीवन के लिए महत्वपूर्ण कदम है।



 


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