सरदारगढ़-मादड़ी सड़क 15 माह बाद भी अधूरी, गिट्टी और धूल से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
पीडब्ल्यूडी द्वारा 15 माह पहले शुरू किया गया सड़क का नवीनीकरण कार्य समयसीमा बीतने के बाद भी पूरा नहीं हुआ है, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है।
आमेट के सरदारगढ़-मादड़ी मार्ग पर नवीनीकरण कार्य अधूरा रहने के कारण उखड़ी सड़क से उड़ती धूल के बीच गुजरते वाहन और बदहाल स्थिति।
आमेट में सरदारगढ़-मादड़ी सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति ग्रामीणों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। करीब 15 माह पहले शुरू हुआ सड़क नवीनीकरण का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। सड़क पर बिखरी बड़ी गिट्टी, उखड़ी सतह और उड़ती धूल के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने विभाग और ठेकेदार की कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्य में देरी पर नाराजगी जताई है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), आमेट की ओर से करीब 15 माह पहले सरदारगढ़ से मादड़ी जाने वाले मार्ग के नवीनीकरण का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया था। इस काम को करीब 13 माह में पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समयसीमा बीतने के करीब एक माह बाद भी सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार ने करीब 15 किलोमीटर सड़क पर जगह-जगह मशीनों से ऊपरी सतह उखाड़ दी। इसके बाद बड़ी गिट्टी और मिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया। इससे मार्ग पर आवागमन जोखिमभरा हो गया है। सड़क की बदहाली और जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
धूल के गुबार से सामने का रास्ता देखना मुश्किल
सरदारगढ़-मादड़ी मार्ग से गुजरने वाले वाहनों के पीछे धूल के गुबार उठते हैं। इससे आगे और पीछे से आने वाले वाहन चालकों को सड़क और सामने से आ रहे वाहन स्पष्ट दिखाई नहीं देते। जगह-जगह बिखरी गिट्टी और उबड़-खाबड़ सतह के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ग्रामीणों को रोजाना इसी जोखिमभरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार विभाग का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि विभागीय निगरानी के अभाव और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण निर्माण कार्य की स्थिति लगातार खराब बनी हुई है। विभाग और ठेकेदार की कथित मिलीभगत के चलते आमजन को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए और निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। साथ ही, लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। करीब 15 माह बाद भी सड़क का अधूरा रहना और मार्ग पर बने जोखिमपूर्ण हालात अब भी चुनौती बने हुए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि किसी बड़े हादसे से पहले विभाग ठोस कदम उठाकर सड़क की स्थिति सुधारे।