देलवाड़ा की अरावली पहाड़ियों पर कटाई के आरोप, बुल्डोजरों की गूंज के बीच उठे कार्रवाई और जवाबदेही के सवाल
राजसमंद के देलवाड़ा में अरावली पहाड़ियों की कटाई की शिकायतों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
तस्वीर में राजसमंद जिले के देलवाड़ा क्षेत्र की अरावली पहाड़ियां दिख रही हैं, जहां मशीनों द्वारा की गई कटाई और पहाड़ों के बीच बना रास्ता साफ नजर आ रहा है।
राजसमंद जिले के देलवाड़ा क्षेत्र की अरावली पहाड़ियां इन दिनों लगातार कटाई की शिकायतों को लेकर चर्चा में हैं। नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र के देलवाड़ा में स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीले रंग के बुल्डोजर और पोकलेन मशीनें पहाड़ों का सीना चीर रही हैं और उन्हें भीतर तक खोखला कर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर मंचों और विधानसभा में पर्यावरण, पहाड़ों और बावड़ियों को बचाने की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर देलवाड़ा की पहाड़ियों को बचाने के लिए ज़मीन पर ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इसी वजह से क्षेत्र में लोगों के बीच नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
क्षेत्र के लोगों ने सवाल उठाए हैं कि क्या जनप्रतिनिधियों की चिंता केवल भाषणों तक सीमित रह गई है। साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि क्या जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई करेंगे और क्या अवैध खनन या पहाड़ी कटाई से लाभ उठाने वालों पर भी कभी सख्त कार्रवाई होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि न्यायालय के निर्देशों के बावजूद ऐसी गतिविधियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो उनकी पालना सुनिश्चित करना किसकी जिम्मेदारी है। देलवाड़ा की जनता अब इस बात का जवाब चाहती है कि पहाड़ बचेंगे या बुल्डोजरों की गूंज ही उनका भविष्य तय करेगी।