डोनाल्ड ट्रंप का बयान: ईरान पर सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रोकने के लिए राजनीतिक कीमत चुकाने को तैयार हैं, जबकि यूएन ने वैश्विक असर पर चेतावनी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वाशिंगटन में रवाना होने से पहले पत्रकारों से ईरान तनाव पर बात करते हुए।
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आगे भी सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि ईरान के खिलाफ जारी युद्ध का असर आगामी कांग्रेस चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है और इसके लिए राजनीतिक कीमत भी चुकानी पड़ सकती है। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी है।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को वाशिंगटन से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप से पूछा गया कि ईरान के साथ संघर्ष का चुनावी अभियान पर क्या असर पड़ा है। इस पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अमेरिकी जनता की राय बंटी हुई है। कुछ लोग उनके फैसले का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे पसंद नहीं कर सकते।
ट्रंप ने कहा, “एक तरह से लोग इसे पसंद करते हैं क्योंकि मैं वही कर रहा हूं जो पहले के राष्ट्रपतियों को बहुत पहले कर देना चाहिए था। दूसरी तरफ, कुछ लोग शायद इसे पसंद न करें।”
उन्होंने आगे कहा, “इसके लिए एक राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है और मुझे यह बात तभी समझ आ गई थी जब मैंने यह फैसला लिया। लेकिन हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के बारे में भी संकेत दिए। उन्होंने कहा, “ईरान युद्ध में हमने उन्हें काफी बड़ा नुकसान पहुंचाया है और हो सकता है कि हम आगे भी कुछ और करें।”
हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका प्रशासन किसी नए सैन्य अभियान पर विचार कर रहा है या नहीं। उन्होंने संभावित लक्ष्यों और कार्रवाई की समयसीमा के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी। ईरान को हुए नुकसान का जिक्र करने के बावजूद उन्होंने इस संबंध में कोई सैन्य ब्रीफिंग या आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए।
ट्रंप ने यह भी कहा कि भले ही कुछ लोग इस अभियान का विरोध कर रहे हों, लेकिन बड़ी संख्या में लोग इसका समर्थन भी करते हैं। उन्होंने कहा, “एक तरह से लोग शायद इसे पसंद नहीं करते, लेकिन बहुत से लोग, बहुत से देशभक्त इसे सही मानते हैं। यह काम पहले के राष्ट्रपतियों को काफी पहले कर देना चाहिए था।”
आगामी कांग्रेस चुनावों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी का प्रदर्शन काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि उसके समर्थक मतदान के लिए कितनी संख्या में बाहर निकलते हैं। उनके बयान से संकेत मिला कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को लेकर राजनीतिक समर्थन और चुनावी परिणाम भी अमेरिकी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
इस बीच, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि बढ़ते संघर्षों का प्रभाव अब उन देशों की सीमाओं से कहीं आगे तक पहुंच रहा है, जहां प्रत्यक्ष रूप से लड़ाई चल रही है।
गुटेरेस ने कहा कि ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार मार्ग, आपूर्ति श्रृंखलाएं और वित्तीय व्यवस्थाएं ऐसे माध्यम बन गए हैं, जिनके जरिए युद्ध का असर दुनिया भर के आम लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने संघर्ष रोकने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने की अपील की।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने यह भी बताया कि वह शुक्रवार को मिस्र की यात्रा पर जाएंगे। यात्रा के उद्देश्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मिस्र, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले देशों में से एक है।
हालांकि, गुटेरेस ने किसी संभावित समझौते या कूटनीतिक सफलता की घोषणा नहीं की। उन्होंने अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच किसी बैठक की जानकारी भी नहीं दी।
ट्रंप के बयान और संयुक्त राष्ट्र महासचिव की चेतावनी से ईरान संघर्ष के सैन्य, राजनीतिक और वैश्विक आर्थिक प्रभावों पर चिंता सामने आई है। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उद्देश्य से आगे की कार्रवाई की संभावना खुली रखी है, वहीं संयुक्त राष्ट्र ने संघर्ष समाप्त करने, नागरिकों की सुरक्षा और कूटनीति को अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया है।