बेंगलुरु में एक्सिस बैंक और आईआईएम बैंगलोर के अधिकारियों ने ‘एक्सिस बैंक सेंटर ऑफ इकोनॉमिक्स’ की स्थापना के लिए एमओयू समझौते पर हस्ताक्षर किए।

अर्थशास्त्र की पढ़ाई को डेटा विश्लेषण और वास्तविक आर्थिक समस्याओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक्सिस बैंक और आईआईएम बैंगलोर ने साझेदारी की है। इसके तहत बेंगलुरु के जिगानी स्थित आईआईएमबी-दोराबजी टाटा स्कूल ऑफ अंडरग्रेजुएट स्टडीज में ‘एक्सिस बैंक सेंटर ऑफ इकोनॉमिक्स’ की स्थापना की जाएगी। इस पहल के माध्यम से छात्रों को बेहतर शिक्षण, शैक्षणिक रिसर्च और जरूरत व योग्यता के आधार पर छात्रवृत्ति की सुविधा उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा।

अक्टूबर 2026 में घोषित इस साझेदारी के तहत एक्सिस बैंक सेंटर की इमारत और उसके संचालन में सहायता करेगा। इसके अलावा, बैंक शिक्षकों के प्रशिक्षण, शैक्षणिक अनुसंधान और पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने में भी सहयोग करेगा। इसका उद्देश्य अर्थशास्त्र के अध्ययन के लिए शैक्षणिक अवसरों को बढ़ावा देना है।

प्रस्तावित सेंटर में अर्थशास्त्र की पढ़ाई के साथ डेटा, गणितीय तरीकों और कंप्यूटर आधारित तकनीकों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे छात्रों को वास्तविक आर्थिक समस्याओं को समझने, उनका विश्लेषण करने और उनसे जुड़े विषयों पर शोध करने का अवसर मिलेगा।

एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड- होलसेल बैंक कवरेज, कॉर्पोरेट सैलरी, सस्टेनेबिलिटी और सीएसआर, विजय मुलबागल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को समझने और उससे जुड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि इस साझेदारी का उद्देश्य स्नातक स्तर की पढ़ाई में बेहतर शिक्षण और अनुसंधान के अवसरों का विस्तार करना है।

आईआईएमबी के डायरेक्टर-इन-चार्ज प्रो. यू. दिनेश कुमार ने कहा कि यह सेंटर छात्रों और शिक्षकों को भारत तथा दुनिया में हो रहे आर्थिक बदलावों को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करेगा।

आईआईएमबी-दोराबजी टाटा स्कूल ने अगस्त 2026 में अपना पहला बैच शुरू किया था। डेटा साइंसेस और अर्थशास्त्र के बैचलर ऑफ साइंस (ऑनर्स) कार्यक्रमों के लिए करीब 12,000 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 80 छात्रों का चयन किया गया। इनमें से 40 छात्र डेटा साइंसेस में माइनर के साथ अर्थशास्त्र में बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल करेंगे।

एक्सिस बैंक और आईआईएम बैंगलोर की यह साझेदारी अर्थशास्त्र की पढ़ाई में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ डेटा आधारित विश्लेषण, अनुसंधान और छात्रवृत्ति के अवसरों को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल है।