उत्तराखंड में मतदाता पुनरीक्षण पर सख्ती, 9 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष पर्यवेक्षक तैनात
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत नौ विधानसभा क्षेत्रों में पर्यवेक्षण अधिकारियों की तैनाती की गई है। दावों-आपत्तियों के निस्तारण की दैनिक निगरानी और सप्ताह में दो बार रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है।
उत्तराखंड में भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के तहत चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 की निगरानी के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड ने नौ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में तैनात किया है। यह आदेश 21 अगस्त 2026 को जारी किया गया है। आयोग के निर्देशों के अनुसार यह प्रक्रिया लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा Manual on Electoral Rolls-2023 के प्रस्तर 11.4.8 के अंतर्गत प्राप्त दावों और आपत्तियों के निस्तारण की नियमित निगरानी के लिए की जा रही है।
आदेश के अनुसार हरिद्वार जनपद में विधानसभा क्षेत्र 25-हरिद्वार, 26-बीएचएचआरएल रानीपुर और 27-ज्वालापुर के लिए श्री संदीप तिवारी, प्रबन्ध निदेशक, गढ़वाल मण्डल विकास निगम लि., देहरादून को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। विधानसभा क्षेत्र 28-भगवानपुर, 30-पिरान कलियर और 31-रुड़की के लिए श्री ललित नारायण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं 29-झबरेड़ा, 32-खानपुर और 33-मंगलौर के लिए श्री नन्दन कुमार, मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम, हरिद्वार तथा 34-लक्सर और 35-हरिद्वार ग्रामीण के लिए श्री गोपाल राम बिनवाल, नगर आयुक्त, नगर निगम, रुड़की को नियुक्त किया गया है।
नैनीताल जनपद के विधानसभा क्षेत्र 56-लालकुआं और 59-हल्द्वानी के लिए श्री संजय कुमार, निदेशक कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, उत्तराखण्ड को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। ऊधम सिंह नगर जनपद में 62-जसपुर और 63-काशीपुर के लिए श्री प्रकाश चन्द्र दुग्का, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड को तैनात किया गया है। इसी जनपद में 64-बाजपुर और 65-गदरपुर के लिए श्री जय किशन, उपाध्यक्ष, जिला विकास प्राधिकरण, ऊधम सिंह नगर को जिम्मेदारी दी गई है।
ऊधम सिंह नगर के 66-रुद्रपुर, 67-किच्छा और 68-सितारगंज विधानसभा क्षेत्रों के लिए श्री विनीत तोमर, प्रबन्ध निदेशक, कुमाऊं मण्डल विकास निगम लि., नैनीताल को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। 69-नानकमत्ता और 70-खटीमा विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी श्री दिवेश शाश्नी, मुख्य विकास अधिकारी, ऊधम सिंह नगर को दी गई है। इस प्रकार आदेश में हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जनपदों के कुल नौ समूहों में शामिल विधानसभा क्षेत्रों के लिए अधिकारियों की तैनाती की गई है।
आदेश में कहा गया है कि नामित अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के पत्र संख्या 23/आ.नि.आ./पत्र/उत्तराखण्ड/2026/उ.आ.न.-2/2024 (Roll Observer), दिनांक 15 मई 2026 के तहत निर्वाचन नामावली के पर्यवेक्षण के लिए मंडलायुक्त के निर्देशन में कार्य करेंगे। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली के संबंध में प्राप्त दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया, जिसमें नोटिस वितरण, तामीली और सुनवाई आदि शामिल हैं, का दैनिक रूप से नियमित अनुश्रवण किया जाएगा। संबंधित ईआरओ द्वारा आयोग के तद्विषयक नियमों एवं प्रक्रिया का पालन करते हुए किए जा रहे गुणवत्तायुक्त निस्तारण की प्रक्रिया के संबंध में अपनी दैनिक निरीक्षण आख्या एवं Annexure-SIR-2026 पर रिपोर्ट सप्ताह में दो बार संबंधित मंडलायुक्त के माध्यम से मुख्य निर्वाचन कार्यालय को प्रस्तुत करनी होगी। साथ ही Manual on Electoral Rolls-2023 के अध्याय-11 (पुनरीक्षण प्रक्रिया) की प्रति एवं रिपोर्टिंग प्रारूप भी संलग्न किया गया है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आयोग द्वारा निर्धारित पुनरीक्षण अवधि तक उपरोक्त सभी अधिकारी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-13ग में निहित प्रावधानों के अंतर्गत आयोग में प्रतिनियुक्ति पर समझे जाएंगे तथा आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण एवं अनुशासन के अधीन रहेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया है। आदेश की प्रतियां सचिव, निर्वाचन, उत्तराखण्ड; आयुक्त, गढ़वाल/कुमाऊं मंडल; जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।
इस व्यवस्था के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पर दैनिक निगरानी, निरीक्षण रिपोर्ट और सप्ताह में दो बार रिपोर्टिंग की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे नामावली पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुरूप संचालित हो सके।