पीपलकोटी टनल हादसे के बाद मदन कौशिक ने एसईओसी में राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की
पीपलकोटी टीएचडीसी टनल हादसे के बाद मंत्री मदन कौशिक ने एसईओसी पहुंचकर राहत-बचाव अभियान की समीक्षा की। लापता लोगों की तलाश, घायलों के उपचार, मौसम और नदियों के जलस्तर पर भी निर्देश दिए।
तस्वीर में बाईं ओर से अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी और दाईं ओर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में बैठक के दौरान नजर आ रहे हैं।
पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल में हुई घटना के बाद राहत एवं बचाव अभियान को लेकर राज्य सरकार ने निगरानी और तेज कर दी है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने शुक्रवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर जनपद चमोली में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने टनल के भीतर लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए चल रहे सर्च एवं रेस्क्यू अभियान, घायलों के उपचार और घटनास्थल पर संचालित अन्य राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री प्रकाश चंद्र तथा अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी ने मा. मंत्री श्री मदन कौशिक को राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। मंत्री ने घायलों के उपचार की स्थिति की जानकारी लेते हुए उनके समुचित उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के शवों को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को भी कहा।
मा. मंत्री श्री मदन कौशिक ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावितों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर चुके हैं तथा अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल भी जाना है। सरकार का प्रयास है कि प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी न रहे।
उन्होंने टनल के भीतर लापता लोगों की तलाश के लिए संचालित सर्च एवं रेस्क्यू अभियान को पूरी गंभीरता और समन्वय के साथ जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान में शामिल सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए।
समीक्षा के दौरान मा. मंत्री ने आने वाले दिनों के मौसम पूर्वानुमान की जानकारी भी ली। उन्होंने संभावित मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न नदियों के जलस्तर की जानकारी लेते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने को कहा।
मा. मंत्री ने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से सभी जनपदों के साथ लगातार प्रभावी और उच्चस्तरीय समन्वय बनाए रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड में अधिकारी एवं राहत-बचाव दल 24×7 मुस्तैद रहें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मौसम, नदियों के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।