तस्वीर में नई दिल्ली में आयोजित आईएफक्यूएम सिम्पोजियम के दौरान मंच पर खड़े उद्योग जगत के प्रमुख नेता और गणमान्य व्यक्ति नजर आ रहे हैं।

दिल्ली, सितंबर 2026: भारत के सबसे बड़े उद्योग जगत के नेतृत्व वाले क्वालिटी फोरम के तीसरे संस्करण, नेशनल आईएफक्यूएम सिम्पोजियम 2026 का आयोजन 5–6 अक्टूबर को नई दिल्ली के ताज पैलेस में होगा। इस बार कार्यक्रम की थीम “क्वालिटी, इनोवेशन और एक्सीलेंस — बी द फोर्स मल्टीप्लायर” रखी गई है। दो दिवसीय सिम्पोजियम में 300 से अधिक सीईओ और सीएक्सओ, एमएसएमई क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा 50 से अधिक शिक्षाविद और छात्र शामिल होंगे।

इंडियन फाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (आईएफक्यूएम) की ओर से आयोजित इस सिम्पोजियम में देश के वरिष्ठ उद्योग नेता, दुनिया के प्रमुख क्वालिटी विशेषज्ञ, पॉलिसीमेकर्स और शिक्षाविद एक मंच पर जुटेंगे। चर्चा का केंद्र यह रहेगा कि भारत अपने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की महत्वाकांक्षाओं को दुनिया में भरोसेमंद और मजबूत पहचान में कैसे बदल सकता है।

आईएफक्यूएम का संचालन बोर्ड और गवर्निंग काउंसिल द्वारा किया जाता है, जिसमें देश के प्रमुख इंडस्ट्री लीडर्स शामिल हैं। 2024 और 2025 के सफल आयोजनों के बाद 2026 के सिम्पोजियम में ऐसे नए और प्रभावी कार्यप्रणालियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो बड़े बदलाव ला सकती हैं। इसके साथ सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा।

इस बार सिम्पोजियम में फार्मा और लाइफ साइंसेज क्षेत्र को पहली बार चर्चा में प्रमुखता दी गई है। विशेष बातचीत में इस सवाल पर मंथन होगा कि भारत केवल जेनेरिक दवाओं के निर्माण तक सीमित रहने के बजाय नई तरह की दवाओं के विकास की दिशा में कैसे आगे बढ़ सकता है। इस चर्चा में दिलीप सांघवी, एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, सन फार्मास्युटिकल्स; डॉ. किरण मजूमदार-शॉ, एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन, बायोकॉन ग्रुप; और ग्लेन सालदान्हा, चेयरमैन एवं एमडी, ग्लेनमार्क एक साथ शामिल होंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए भी पहली बार अलग ट्रैक रखा गया है। इसमें भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्लोबल लीडरशिप के स्तर तक बेहतर और आधुनिक बनाने पर चर्चा होगी। इस पैनल का नेतृत्व लार्सन एंड टुब्रो के चेयरमैन एवं एमडी एस.एन. सुब्रह्मण्यन करेंगे। फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों क्षेत्र लंबे समय से बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता को लेकर होने वाली संगठित और व्यापक चर्चा में अब तक इनकी भागीदारी नहीं रही है।

दो दिवसीय कार्यक्रम में 25 से अधिक सेशंस होंगे। इनमें कीनोट्स, फायरसाइड कन्वर्सेशन, विभिन्न क्षेत्रों पर गहन चर्चाएं और अलग-अलग विषयों पर आधारित सत्र शामिल होंगे। ऑटोमोटिव, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, लेदर और मैन्युफैक्चरिंग में एआई जैसे क्षेत्रों पर भी चर्चा होगी। यह कार्यक्रम केवल आमंत्रण के आधार पर आयोजित किया जाएगा।

सिम्पोजियम में भारत के प्रमुख उद्योग जगत के दिग्गजों की भागीदारी होगी। इनमें वेनु श्रीनिवासन, चेयरमैन एमेरिटस, टीवीएस मोटर एवं चेयरमैन, आईएफक्यूएम; एन. चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा संस; दिलीप सांघवी, एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, सन फार्मास्युटिकल्स; डॉ. किरण मजूमदार-शॉ, एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन, बायोकॉन ग्रुप; एस.एन. सुब्रह्मण्यन, चेयरमैन एवं एमडी, एलएंडटी; टी.वी. नरेंद्रन, सीईओ एवं एमडी, टाटा स्टील; डॉ. रणधीर ठाकुर, सीईओ एवं एमडी, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स; के.एन. राधाकृष्णन, डायरेक्टर एवं सीईओ, टीवीएस मोटर कंपनी; सलील गुप्ते, प्रेसिडेंट, बोइंग इंडिया एंड साउथ एशिया; ग्लेन सालदान्हा, चेयरमैन एवं एमडी, ग्लेनमार्क; और हरि मारार, एमडी एवं सीईओ, बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड प्रमुख रूप से शामिल होंगे।

कार्यक्रम में छह वैश्विक विशेषज्ञ मुख्य संबोधन देंगे। इनमें ईउईसुंग (अर्नी) किम (EuiSung (Ernie) Kim), एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड ऑफ क्वालिटी, हुंडई मोटर ग्रुप; डॉ. मासाहिको मोरी (Dr. Masahiko Mori), प्रेसिडेंट, डीएमजी एमओआरआई; स्टीफन ग्रोश (Stefan Grosch), ग्लोबल बोर्ड मेंबर, रोबर्ट बॉश जीएमबीएच; युगो मियामोटो (Yugo Miyamoto), काइज़ेन सऊदी अरेबिया, अब्दुल लतीफ़ जमील कंपनी; अकिनोरी ओनोदेरा (Akinori Onodera), प्रेसिडेंट, अर्थ ब्रेन, जेवी कोमात्सु ग्रुप; और Frank Sieren, चीन मामलों के विशेषज्ञ, लेखक एवं पत्रकार शामिल हैं। ये सभी अपने-अपने संगठनों में बड़े स्तर पर गुणवत्ता सुधार से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन करते हैं। एक ही भारतीय मंच पर इन सभी की एक साथ मौजूदगी इस आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में होगी।

आईएफक्यूएम के सीईओ एवं डायरेक्टर सौमित्र भट्टाचार्य ने सिम्पोजियम के बारे में कहा, “विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए जरूरी है कि क्वालिटी और इनोवेशन देश के लिए फोर्स मल्टीप्लायर बनें। यह सिम्पोजियम केवल चर्चा का मंच नहीं है, बल्कि उद्योग, सरकार और शिक्षण संस्थानों के लिए एक आह्वान है कि वे हर प्रक्रिया, उत्पाद और साझेदारी में उत्कृष्टता को कामकाज का हिस्सा बनाएं। प्रमुख वक्ताओं के विचारों और इंडस्ट्री लीडर्स के बीच संवाद के माध्यम से हमारा उद्देश्य ऐसे स्पष्ट लक्ष्य और व्यावहारिक रास्ते तलाशना है, जिनसे संगठन इस इंडस्ट्री आधारित अभियान में अधिक प्रभावी ढंग से योगदान दे सकें। भारतीय उद्योग और शिक्षण संस्थानों की व्यापक भागीदारी से हम क्वालिटी और इनोवेशन के दोहरे आधार पर आर्थिक विकास को तेज कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारे उद्यम विश्वसनीयता, मजबूती और प्रभाव के साथ नेतृत्व करें।”

आईएफक्यूएम नेशनल सिम्पोजियम भारत में क्वालिटी और इनोवेशन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का प्रमुख मंच बन चुका है। इसके पहले संस्करण का आयोजन 2024 में हुआ था, जिसमें ऑटोमोटिव, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और डिजिटल इंजीनियरिंग एवं आर एंड डी जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर अलग-अलग चर्चाएं हुई थीं। 2025 के संस्करण की थीम “नीडल मूवमेंट” थी। इसमें 350 से अधिक इंडस्ट्री लीडर्स और 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने हिस्सा लिया था।

2026 का संस्करण इसी सिलसिले को आगे बढ़ाएगा। इस बार चर्चा का दायरा और व्यापक होगा, विभिन्न क्षेत्रों पर अधिक विशेष ध्यान दिया जाएगा और फार्मा एवं लाइफ साइंसेज के लिए पहली बार अलग ट्रैक शामिल किया गया है। सिम्पोजियम में “विकसित भारत के निर्माण में योगदान: राष्ट्रीय फोर्स मल्टीप्लायर के रूप में क्वालिटी” विषय पर केंद्रीय मंत्री एवं गवर्निंग काउंसिल सदस्य संबोधन देंगे।

अन्य मुख्य संबोधनों में “गुणवत्ता के साथ नेतृत्व: टिकाऊ प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त कैसे बनाएं” विषय पर ईउईसुंग (अर्नी) किम, “गुणवत्ता को नेतृत्व का प्रमुख विषय बनाना: बोर्डरूम से उत्पादन स्थल तक” विषय पर स्टीफन ग्रोश, “स्मार्ट कंस्ट्रक्शन: इंटेलिजेंस और इनोवेशन के साथ भविष्य का निर्माण” विषय पर अकिनोरी ओनोदेरा, “गुणवत्ता से विश्वसनीयता तक: वैश्विक स्तर पर भरोसा कैसे कायम करें” विषय पर डॉ. मासाहिको मोरी, “छोटे-छोटे सुधारों से बड़े बदलाव तक: बड़े स्तर पर काइज़ेन की नई सोच” विषय पर युगो मियामोटो और “बेहतरीन क्रियान्वयन: चीन से सीख” विषय पर फ्रैंक सीरियन संबोधित करेंगे।

पैनल चर्चाओं में “फार्मा और लाइफ साइंसेज: जेनेरिक दवाओं से आगे बढ़ते हुए — आधुनिक दवाओं के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर”, “बड़े स्तर से उत्कृष्टता तक: भारत के वैश्विक नेतृत्व के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की नई कल्पना”, “आईएफक्यूएम एक फोर्स मल्टीप्लायर के रूप में: विभिन्न क्षेत्रों में मापने योग्य प्रभाव”, “छोटी शुरुआत से वैश्विक आकांक्षाओं तक: फोर्स मल्टीप्लायर प्लेबुक”, “भारत को एक भरोसेमंद वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाना” और “बिजनेस को स्मार्ट बनाना: मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज में एआई का उपयोग” जैसे विषय शामिल होंगे। ऐसे में 5–6 अक्टूबर को होने वाला यह आयोजन क्वालिटी, इनोवेशन और एक्सीलेंस को भारत की औद्योगिक प्रगति के केंद्र में रखने की दिशा में व्यापक उद्योग संवाद का मंच बनेगा।