हिमाचल प्रदेश में सक्रिय हुआ मानसून: कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। भारी वर्षा के कारण भूस्खलन और बाढ़ की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
शिमला में बारिश के दौरान छाता लेकर चलते हुए लोग और आसपास का दृश्य।
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है, जो सामान्य समय से लगभग पांच दिन की देरी से पहुंचा है। इस सक्रिय मानसून चरण के कारण राज्य के निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में 1 जुलाई से 4 जुलाई तक व्यापक वर्षा होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून अब तक कुल्लू, लाहौल-स्पीति, शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा के अधिकांश हिस्सों में पहुंच चुका है, जबकि किन्नौर और कुछ अन्य शेष जिलों में इसके विस्तार की प्रक्रिया जारी है। अगले दो से तीन दिनों में मानसून के चंबा, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और सोलन तक पूरी तरह फैलने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
आगामी दिनों के लिए जारी चेतावनी के तहत 2 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके बाद 3 जुलाई को ऊना, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर, तथा 4 जुलाई को कांगड़ा, मंडी और शिमला में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा, जहां कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की प्रबल संभावना है। येलो अलर्ट के अंतर्गत 1 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी; 2 जुलाई को चंबा, मंडी और सिरमौर; 3 जुलाई को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और सोलन; तथा 4 जुलाई को ऊना, हमीरपुर और कुल्लू में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। आधिकारिक तौर पर प्रशासन ने निवासियों को भूस्खलन, अचानक आने वाली बाढ़ और यात्रा में संभावित बाधाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। यह मानसून का सक्रिय दौर न केवल राज्य के तापमान में बदलाव लाएगा, बल्कि भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत जनजीवन को भी प्रभावित कर सकता है।