तस्वीर में एजुकेट गर्ल्स संस्था के स्वयंसेवक, शिक्षक, विद्यार्थी और ग्रामीण समुदाय के सदस्य राजस्थान में 'वृक्षारोपण महाअभियान 2026' के तहत बैनर के साथ पौधे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित गैर-लाभकारी संस्था एजुकेट गर्ल्स ने राजस्थान में ‘वृक्षारोपण महाअभियान-मेगा प्लांटेशन ड्राइव 2026’ आयोजित किया। अभियान के तहत बालोतरा, फतेहगढ़-जैसलमेर और उदयपुर-सिरोही क्षेत्रों में टीम बालिका के स्वयंसेवकों ने विभिन्न विद्यालयों और गाँवों में पौधारोपण किया। इस पहल में स्कूलों के शिक्षक, विद्यार्थी और ग्रामीण समुदाय के लोगों ने भी सक्रिय भागीदारी की।

अभियान के दौरान कुल 660 पौधे लगाए गए। इनमें बालोतरा में 405, फतेहगढ़-जैसलमेर में 100 और उदयपुर-सिरोही में 155 पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण के साथ बच्चों और समुदाय के सदस्यों को पौधों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा उनकी नियमित देखभाल के बारे में जागरूक किया गया।

टीम बालिका के स्वयंसेवकों ने अपने-अपने गाँवों और विद्यालयों में समुदाय के साथ मिलकर इस पहल को आगे बढ़ाया। अभियान के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बालिकाओं की शिक्षा और नामांकन के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। इसका उद्देश्य समुदाय में यह समझ मजबूत करना रहा कि बालिकाओं की शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण, दोनों के लिए सामूहिक भागीदारी और जिम्मेदारी जरूरी है।

अभियान का संदेश “एक स्वयंसेवक-एक पौधा-हर बालिका की शिक्षा का संकल्प” रहा। इस संदेश के माध्यम से प्रत्येक स्वयंसेवक की भूमिका को समुदाय में सकारात्मक बदलाव से जोड़ने का प्रयास किया गया।

‘वृक्षारोपण महाअभियान’ के माध्यम से एजुकेट गर्ल्स ने पर्यावरण संरक्षण और बालिका शिक्षा के संदेश को समुदाय तक पहुँचाने के साथ स्वयंसेवा की भावना को भी मजबूत किया। अभियान में टीम बालिका के स्वयंसेवकों, स्कूलों और ग्रामीण समुदाय की भागीदारी ने इसे एक सामूहिक पहल का रूप दिया।

एजुकेट गर्ल्स एक पुरस्कार-विजेता गैर-लाभकारी संस्था है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए कार्यरत है कि भारत के ग्रामीण और शैक्षिक रूप से वंचित समुदायों की प्रत्येक लड़की को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच प्राप्त हो। 2025 में, एजुकेट गर्ल्स एशिया के सर्वोच्च सम्मान, रामोन मैगसेसे पुरस्कार को प्राप्त करने वाला पहला भारतीय संगठन बना।

वर्ष 2007 से, एजुकेट गर्ल्स ने राज्य सरकारों और स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी की है, ताकि स्कूल से बाहर की लड़कियों की पहचान की जा सके, उनके नामांकन और निरंतरता का समर्थन किया जा सके और बच्चों के लिए बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ किया जा सके। जहाँ औपचारिक स्कूली शिक्षा संभव नहीं थी, वहाँ हमारे द्वितीय-अवसर कार्यक्रम ने किशोरियों और युवा महिलाओं को जीवन कौशल और आत्मनिर्भरता का निर्माण करते हुए कक्षा 10 की शिक्षा पूरी करने में मदद की।

55,000 से अधिक सामुदायिक स्वयंसेवकों के नेटवर्क के साथ, एजुकेट गर्ल्स ने 22 लाख से अधिक लड़कियों को स्कूल में नामांकित करने के लिए प्रेरित किया है और राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के 31,500 से अधिक गाँवों में 25 लाख से अधिक बच्चों के सीखने के परिणामों का समर्थन किया है। 2035 तक, संस्था का लक्ष्य 1 करोड़ शिक्षार्थियों को सशक्त बनाना है।

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