पर्युषण पर्व से पहले चेम्बूर में प्रतिक्रमण कार्यशाला, साध्वी निर्वाणश्री ने दिया आत्मशुद्धि का संदेश
चेम्बूर तेरापंथ भवन में पर्युषण पर्व से पहले प्रतिक्रमण कार्यशाला हुई। साध्वी निर्वाणश्री और डॉ. योगक्षेमप्रभा ने आत्मशुद्धि का संदेश दिया।
तस्वीर में सफेद वस्त्र और मुखपट्टी पहने छह साध्वियां नीले रंग के बैनर के सामने बैठी हैं।
चेम्बूर तेरापंथ भवन में पर्युषण पर्व की अगवानी के लिए प्रतिक्रमण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए साध्वी निर्वाणश्री ने कहा कि प्रतिक्रमण जाने-अनजाने लगे दोषों को पखारने का सुंदर उपाय है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी प्रतिक्रमण करने वाले श्रद्धालु भी पर्युषण काल में अवश्य प्रतिक्रमण करें, जिससे वे अपनी आत्मा को शुद्ध बना सकें। यह सचमुच आत्मा का स्नान है, इसलिए इसे नियमतः करना चाहिए।
कार्यशाला का निर्देशन करते हुए साध्वी डॉ. योगक्षेमप्रभा ने कहा कि प्रतिक्रमण का शाब्दिक अर्थ वापस आना है। जहां से हम गए थे, उसी स्थान पर पहुंच जाना प्रतिक्रमण है। स्वीकृत महाव्रतों एवं बारह व्रतों में आए छिद्रों को बंद कर चेतना की विशुद्धि करना ही प्रतिक्रमण है। उन्होंने कहा कि प्रतिक्रमण से आत्मा आस्रव द्वारों को बंद कर देती है, जिससे पाप कर्मों का मार्ग ही अवरुद्ध हो जाता है।
कार्यशाला का शुभारंभ ‘महाश्रमण स्तुति’ से हुआ, जिसे साध्वी कुंदनयशा ने प्रस्तुत किया। तेरापंथ सभा अध्यक्ष लक्ष्मण कोठारी ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने भी अपने उद्गार प्रकट किए।
पर्युषण महापर्व की आराधना के लिए साध्वी निर्वाणश्री ग्रैंड नालंदा बैंक्वेट में पधार गई हैं। उन्होंने श्रावक समाज को जप, तप, प्रवचन और प्रतिक्रमण से जुड़कर सम्यक् आराधना करने की प्रेरणा दी है।
पर्युषण काल में साध्वी निर्वाणश्री मुख्यतः भगवान महावीर की अध्यात्म यात्रा पर प्रस्तुति देंगी। साध्वीश्री डॉ. योगक्षेमप्रभा आगमों के रोचक प्रसंग और तीर्थंकरों के पूर्वजन्मों की कथा प्रस्तुत करेंगी। वहीं साध्वी लावण्यप्रभा, सा. कुंदनयशा, सा. मुदितप्रभा एवं साध्वी मधुरप्रभा विभिन्न विषयों एवं जैन शासन के प्रभावक आचार्यों की प्रस्तुति देंगी।
पर्युषण काल में चेम्बूर के साथ घाटकोपर, विद्याविहार, कुर्ला, गोवंडी, विक्रोली, काजूपाड़ा, मानखुर्द और साकीनाका क्षेत्रों के महिला मंडल भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। तेरापंथ चेम्बूर समाज के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता समग्र तैयारियों और सुव्यवस्था के लिए कटिबद्ध हैं।