BMC स्कूलों में पढ़ाया जाएगा संविधान, छठवीं के लिए छपेगी विशेष किताब
3.31 लाख छात्रों को नागरिक जिम्मेदारी और संवैधानिक मूल्य सिखाने के लिए बीएमसी शिक्षा विभाग 8.90 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
मुंबई के बीएमसी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में बचपन से ही नागरिक जिम्मेदारी, अधिकार और संवैधानिक मूल्यों की समझ विकसित करने के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष योजना तैयार की है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में पहली से दसवीं कक्षा तक के 3 लाख 31 हजार से भी अधिक विद्यार्थियों के लिए यह विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
योजना के तहत छठवीं कक्षा के छात्रों के लिए डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों पर आधारित एक विशेष किताब भी छापी जाएगी। किताब के माध्यम से बच्चों को नैतिक और सामाजिक मूल्य सिखाए जाएंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 8 करोड़ 90 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना भी है। नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने यह गतिविधि-आधारित कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत अलग-अलग भाषाओं और आयु वर्ग के बच्चों के लिए विशेष पढ़ाई सामग्री और गतिविधियां तैयार की जाएंगी, ताकि बच्चे इन्हें आसानी से समझ सकें।
किताबों की छपाई का काम ठेका जारी होने के 45 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद अगले 1 साल तक यह पूरा कार्यक्रम स्कूलों में चलाया जाएगा। फिलहाल इस प्रस्ताव को स्थायी समिति से अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार है।
बीएमसी शिक्षा विभाग को भरोसा है कि इस पहल से बीएमसी स्कूलों के बच्चों में देश के संविधान, अपने कर्तव्यों और नैतिक मूल्यों के प्रति अच्छी समझ विकसित होगी। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में नागरिक जिम्मेदारी, अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की समझ विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।