मेल्कशम में असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस ने धारा 35 के तहत सख्त अभियान चलाया।   

ब्रिटेन के विल्टशायर स्थित मेल्कशम में हिंसा, तोड़फोड़ और असामाजिक गतिविधियों की बढ़ती घटनाओं के बीच पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। शहर के केंद्र और किंग जॉर्ज पंचम पार्क में युवाओं की गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने 48 घंटे का विशेष अभियान लागू किया। इस दौरान अधिकारियों को संदिग्ध व्यक्तियों को निर्धारित क्षेत्र से बाहर करने के अधिकार दिए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, हाल के दिनों में शहर के केंद्र और उसके आसपास युवाओं की असामाजिक गतिविधियों की कई शिकायतें मिलीं। इनमें शराब का सेवन करना, खाली पड़ी इमारतों में प्रवेश करना और सार्वजनिक स्थानों पर शौच करना शामिल है। इसके अलावा स्केट पार्क में चोरी और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।

इन घटनाओं के मद्देनजर विल्टशायर पुलिस ने सेक्शन 35 के तहत लोगों को निर्धारित क्षेत्र से हटाने का आदेश लागू किया। इसके तहत अधिकारियों को असामाजिक व्यवहार या अव्यवस्था में शामिल होने के संदेह वाले किसी भी व्यक्ति को संबंधित क्षेत्र से अस्थायी रूप से बाहर करने का अधिकार मिला है। यदि हटाया गया व्यक्ति दोबारा उसी क्षेत्र में लौटता है, तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है।

पुलिस के अनुसार, यह आदेश 10 अक्टूबर को दोपहर 1:45 बजे तक प्रभावी रहने के लिए लागू किया गया था। इस दौरान असामाजिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ तेजी और सख्ती से कार्रवाई की जानी थी।

नेबरहुड सार्जेंट चार्ली चिल्टन ने कहा कि असामाजिक गतिविधियों में हालिया वृद्धि पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को अपने दैनिक काम करते समय उत्पीड़न या डराने-धमकाने जैसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना चाहिए।

चिल्टन ने कहा कि यह आदेश शुरुआती 48 घंटे की अवधि के लिए लागू रहेगा और असामाजिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति से तेजी और सख्ती से निपटा जाएगा।

उन्होंने कहा कि सभी लोगों के लिए सुरक्षित सार्वजनिक स्थान बनाना और उन्हें सुरक्षित बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस मेल्कशम को रहने के लिए सुरक्षित और शांतिपूर्ण स्थान बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।

मेल्कशम में लागू यह कार्रवाई सार्वजनिक स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखने और स्थानीय लोगों को हिंसा, उत्पीड़न तथा असामाजिक गतिविधियों से बचाने के लिए पुलिस के प्रयासों का हिस्सा है।