तस्वीर में नाशिक के सप्तशृंग मंदिर का चांदी के मेहराब से सजा गर्भगृह दिख रहा है।

नवरात्रोत्सव के मद्देनजर नाशिक जिले के प्रसिद्ध श्री क्षेत्र सप्तशृंग गड पर भाविकों के स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार आश्विन नवरात्रोत्सव 11 से 20 अक्टूबर तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने नांदुरी-सप्तशृंग घाटरस्ते पर निजी वाहनों के प्रवेश पर 16 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।

उत्सव के दौरान देवी की पंचामृत महापूजा, घटस्थापना, ललिता पंचमी, दुर्गाष्टमी, होम-हवन सहित विभिन्न धार्मिक विधियां संपन्न होंगी। 19 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे कीर्ती ध्वज मिरवणूक निकाली जाएगी। इसी दिन रथोत्सव और ध्वजपूजा भी होगी। 20 अक्टूबर को महानवमी और विजयादशमी का उत्सव मनाया जाएगा।

नवरात्रोत्सव के बाद 25 और 26 अक्टूबर को कोजागिरी पौर्णिमा उत्सव आयोजित होगा। इस दौरान कावड़ी के जरिए लाए गए पानी से देवी का जलाभिषेक, महापूजा सहित विभिन्न धार्मिक विधियां की जाएंगी।

भाविकों की संभावित बड़ी भीड़ को देखते हुए 10 अक्टूबर की रात 12 बजे से 26 अक्टूबर की रात 12 बजे तक नांदुरी से सप्तशृंग गड तक का घाटरस्ता निजी वाहनों के लिए बंद रखा जाएगा। भाविकों को गड पर पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से करीब 150 बसों की व्यवस्था की गई है। इन बसों से नांदुरी से सप्तशृंग गड और वापसी का सफर किया जा सकेगा।

उत्सव को देखते हुए श्री सप्तशृंग निवासिनी देवी ट्रस्ट की ओर से आवश्यक तैयारियों को गति दी गई है। ट्रस्ट ने भाविकों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर धार्मिक कार्यक्रमों का लाभ लेने और मंदिर के जीर्णोद्धार सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए सहयोग करने का आह्वान किया है।

इस तरह नवरात्रोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजन के साथ भाविकों की सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही के लिए भी प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है। 11 अक्टूबर से शुरू होने वाला नवरात्रोत्सव 20 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि 10 से 26 अक्टूबर तक नांदुरी-सप्तशृंग घाटरस्ते पर निजी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा।

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