तस्वीर में त्र्यंबकेश्वर में आयोजित सम्मेलन के दौरान प्रविण सूर्यवंशी को तापी-पूर्णा राष्ट्रीय उत्कृष्ट समाजसेवा पुरस्कार से सम्मानित करते हुए मान्यवर नजर आ रहे हैं।

मुरगूड के वृक्षमित्र प्रविण सूर्यवंशी के सामाजिक, शैक्षणिक और पर्यावरणीय क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए उन्हें ‘तापी-पूर्णा राष्ट्रीय उत्कृष्ट समाजसेवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। शिवचरण उज्जैनकर फाउंडेशन, मुक्ताईनगर, जिला जळगाव की ओर से त्र्यंबकेश्वर में आयोजित चौथे अखिल भारतीय शिवमराठी साहित्य सम्मेलन में यह सम्मान प्रदान किया गया।

अभिजात मराठी भाषा गौरव दिवस के अवसर पर संतश्रेष्ठ श्री निवृत्तीनाथ महाराज साहित्यनगरी, श्रीक्षेत्र त्र्यंबकेश्वर में आयोजित सम्मेलन के दौरान आदिशक्ती संत मुक्ताई व्यासपीठ पर सम्मेलनाध्यक्ष सुभाष बागल के हाथों प्रविण सूर्यवंशी का सम्मान किया गया।

इस अवसर पर स्वामी सोमेश्वरानंद सरस्वती, सुप्रसिद्ध कृषितज्ज्ञ बुधाजीराव पानसरे, फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष शिवचरण उज्जैनकर, गणेश कोळी, एडवोकेट सर्जेराव साळवे, डॉ. प्रतापराव देशमुख, डॉ. रमाकांत जाधव, डॉ. पंढरीनाथ शेळके, डॉ. मधुकर हुजरे, अशोक नवले, सुनील मुधोकर, बाळूभाऊ इटनारे और शंकर अनासुने सहित महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के साहित्यकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रविण सूर्यवंशी लगातार विभिन्न सामाजिक उपक्रम चला रहे हैं। समाज के मेहनतकश और उपेक्षित वर्गों के लोगों का गाडगेबाबा जयंती और पुण्यतिथि कार्यक्रमों में सम्मान करना, सर्दी के दिनों में निराधार और निराश्रित लोगों को कंबल वितरित करना तथा दीपावली के दौरान स्वास्थ्य विभाग की बहनों, खुदाई कामगारों और गन्ना कटाई कामगार बहनों के साथ भाऊबीज मनाना उनके प्रमुख उपक्रमों में शामिल हैं। भाऊबीज के अवसर पर करीब 150 महिलाओं को नई साड़ियां और फराळ वितरित किया गया।

जरूरतमंद और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर गणवेश वितरित करने के साथ ही सूर्यवंशी पर्यावरण संरक्षण के लिए भी लगातार काम कर रहे हैं। उनकी ‘वनश्री’ नि:शुल्क पौधशाला से अब तक करीब 4 लाख 85 हजार पौधों का नि:शुल्क वितरण किया जा चुका है। हर वर्ष वृक्षरक्षाबंधन उपक्रम आयोजित करने के साथ ही आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में लाखों बीजों की हवाई बुवाई कर वे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।

विशेष रूप से ये सभी सामाजिक और पर्यावरण हितैषी उपक्रम प्रविण सूर्यवंशी अपने खर्च पर संचालित कर रहे हैं। उनके उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए इससे पहले भी विभिन्न संस्थाओं की ओर से उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया जा चुका है।

‘तापी-पूर्णा राष्ट्रीय उत्कृष्ट समाजसेवा पुरस्कार’ मिलने के बाद सूर्यवंशी को समाज के विभिन्न वर्गों से बधाई मिल रही है। त्र्यंबकेश्वर में मिला यह सम्मान उनके सामाजिक, शैक्षणिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े निरंतर कार्यों की पहचान के रूप में सामने आया है।

Tags: