मुरुगुड में विश्व पर्यावरण दिवस पर सप्तपर्णी वृक्ष का 23वां जन्मदिन मनाया गया

निसर्ग मित्र मंडल और उज्जैनकर फाउंडेशन ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए 23 साल पुराने पेड़ की पूजा की और केक काटा।

Update: 2026-06-05 14:49 GMT

मुरुगुड में विश्व पर्यावरण दिवस पर निसर्ग मित्र मंडल और उज्जैनकर फाउंडेशन के सदस्यों ने 23 साल पुराने सप्तपर्णी वृक्ष का केक काटकर जन्मदिन मनाया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मुरगुड: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुरगुड शहर निसर्ग मित्र मंडल और उज्जैनकर फाउंडेशन की कोल्हापुर जिला शाखा द्वारा पर्यावरण संरक्षण का एक बेहद अनोखा और प्रेरक संदेश दिया गया। यहां 23 वर्ष पूर्व रोपे गए एक 'सप्तपर्णी' वृक्ष का विधिवत पूजन कर और केक काटकर उसका 23वां जन्मदिन बेहद उत्साह के साथ मनाया गया। इस सनसनीखेज और अनूठे आयोजन का उद्घाटन मुरगुड की जन-निर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष सौ. सुहासिनीदेवी पाटिल एवं उपाध्यक्ष सौ. रेखाताई मांगले के कर-कमलों द्वारा केक काटकर किया गया। वनश्री मुफ्त नर्सरी के निदेशक एवं वृक्षमित्र प्रवीण सूर्यवंशी ने निसर्ग मित्र मंडल के माध्यम से इस 23 साल पुराने सप्तपर्णी वृक्ष का प्रतीकात्मक जन्मदिन मनाकर समाज को वृक्ष संवर्धन का एक मजबूत संदेश दिया। विश्व पर्यावरण दिवस के इस पावन मौके पर केवल जन्मदिन ही नहीं, बल्कि वृक्षारोपण, बीज संग्रहण और बीजों की हवाई बुवाई (सीड बॉम्बर) जैसे कई महत्वपूर्ण और दूरगामी अभियान भी चलाए गए।

प्रतिनिधि विजय मोरबाले के अनुसार, कार्यक्रम की प्रस्तावना में वृक्षमित्र प्रवीण सूर्यवंशी ने वृक्षों के महत्व पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बढ़ते वैश्विक तापमान (ग्लोबल वार्मिंग) के विनाशकारी दुष्परिणामों को हर किसी ने बहुत ही तीव्रता से महसूस किया है। भीषण और कड़कड़ाती गर्मी के कारण जनजीवन पूरी तरह त्रस्त हो चुका है, जिससे अब अंधाधुंध वृक्षारोपण और जंगलों की कटाई के गंभीर परिणाम पूरी तरह स्पष्ट रूप से सबके सामने आ चुके हैं। उन्होंने भावुक और गंभीर अपील करते हुए कहा कि वर्तमान समय में वृक्षारोपण और उनका संवर्धन करना समय की सबसे बड़ी मांग और परम आवश्यकता है, इसलिए हर एक नागरिक को इसे अपना सर्वोच्च और अनिवार्य कर्तव्य समझकर निभाना चाहिए। इस ऐतिहासिक और प्रेरक आयोजन में राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता लेखक मा. ग. गुरव, एम. टी. सामंत और शहर पत्रकार संघ के अध्यक्ष महादेव कानकेकर मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।

इस अभूतपूर्व पर्यावरण उत्सव के साक्षी बनने के लिए प्रा. रवींद्र शिंदे, पार्षद एस. व्ही. चौगले, दत्ता मंडलिक, सुनील रणवरे, रणजीत भारमल, सुनील मंडलिक, महिला पार्षद सौ. गीता आंगज, वैशाली गोधडे, सुरेखा लोकरे सहित डी. एल. कुंभार, प्रशांत हलदकर, मृत्युंजय सूर्यवंशी और प्रशांत सणगर विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके साथ ही पत्रकार संघ के तमाम सम्मानित सदस्य, नगर परिषद के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में प्रकृति प्रेमी नागरिकों ने अपनी उपस्थिति से इस अभियान को सफल बनाया, जो यह साबित करता है कि प्रकृति के प्रति यह सामूहिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव रखेगा।

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