तस्वीर में लातूर जिले के उदगीर तालुका के हंडरगुली में खेत के पास एक पेड़ के नीचे खड़े ग्रामीण और पुलिस अधिकारी नजर आ रहे हैं, साथ ही ऊपरी हिस्से में मृतक किसान रामदास बोळेगावे की तस्वीर inset के रूप में दिखाई गई है।

लातूर जिले में गुरुवार को तीन अलग-अलग घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी। उदगीर तालुका के हंडरगुली में कथित अवैध निजी साहूकारों के दबाव से परेशान 47 वर्षीय किसान ने आत्महत्या कर ली। वहीं, लातूर तालुका के कव्हा में 52 वर्षीय किसान ने खेत में जान दे दी। इसी दिन चाकूर तालुका के घरणी शिवार में सड़क किनारे 75 वर्षीय वृद्ध का शव मिलने से सनसनी फैल गई।

उदगीर तालुका के हंडरगुली निवासी रामदास शिवाजी बोळेगावे (47) ने गुरुवार सुबह अपने खेत में आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रामदास ने हाळी में कुछ लोगों से ब्याज पर पैसे लिए थे। परिजनों का आरोप है कि समय पर रकम वापस नहीं कर पाने के कारण संबंधित लोग मूलधन और ब्याज की वसूली के लिए लगातार दबाव बना रहे थे।

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, रामदास को गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी, जिसके चलते वह मानसिक तनाव में थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही कथित प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने आत्महत्या के लिए कथित रूप से उकसाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। इससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद परिजनों ने शव अपने कब्जे में लिया।

मृतक के भाई विलास शिवाजी बोळेगावे की शिकायत पर विक्रम उर्फ जंटू राजपाल माने, जीवन चंद्रकांत माने और चंद्रकांत माने, तीनों निवासी हाळी, तालुका उदगीर, के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। मामला दर्ज होते ही तीनों आरोपी फरार हो गए। उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें रवाना की गई हैं।

सहायक पुलिस निरीक्षक सुनील गायकवाड के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक प्रवीण हासले मामले की आगे जांच कर रहे हैं।

रामदास बोळेगावे ने इससे पहले भी मई महीने में जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। रिश्तेदारों ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया था, जिससे उनकी जान बच गई थी। इसके बावजूद कथित साहूकारी के दबाव के चलते उन्होंने दोबारा यह कदम उठाया, ऐसा आरोप लगाया गया है।

इधर, लातूर शहर के पास कव्हा, तालुका व जिला लातूर में विश्वंभर विठ्ठल घार (52) नामक किसान की आत्महत्या की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार विश्वंभर घार की गट क्रमांक 130, जमालपुर, तालुका औसा में खेती है। उन्होंने खेत में ही आत्महत्या की। घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित तंत्र मौके पर पहुंचा।

विश्वंभर घार ने आत्महत्या किस कारण से की, इसकी ठोस जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस द्वारा घटना दर्ज करने और आगे की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और कव्हा क्षेत्र में शोक की लहर है।

इसी दिन चाकूर तालुका के घरणी शिवार में सड़क किनारे 75 वर्षीय वृद्ध का शव मिलने से भी हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान सय्यद हाकानी तांजपाशा (उम्र लगभग 75 वर्ष, निवासी रहमतनगर, चाकूर) के रूप में हुई है।

27 अगस्त को दोपहर 12.15 बजे से पहले घरणी शिवार में सड़क के किनारे उनका शव मिला। नागरिकों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद चाकूर पुलिस मौके पर पहुंची।

इस मामले में चाकूर पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु क्रमांक 55/2026 दर्ज किया गया है। वृद्ध की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस निरीक्षक बी. आर. भंडे के आदेश पर पुलिस हेड कॉन्स्टेबल आर. डी. वाघमारे आगे की जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होने की संभावना है।

एक ही दिन में सामने आई इन तीन घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक समस्याओं को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर अवैध साहूकारी, कर्ज और मानसिक तनाव के बीच किसान की आत्महत्या का मामला सामने आया है, तो दूसरी ओर दूसरे किसान की आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। वहीं, घरणी शिवार में मिले वृद्ध के शव की मौत का रहस्य भी कायम है।

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