लातूर: महिला पुलिस कांस्टेबल प्रियंका चव्हाण ने की आत्महत्या, जांच शुरू

विवेकानंद चौक पुलिस क्वार्टर में रहने वाली 28 वर्षीय प्रियंका चव्हाण ने फांसी लगाकर जान दी, पुलिस अधीक्षक से की थी उत्पीड़न की शिकायत।

Update: 2026-05-04 09:06 GMT

लातूर के विवेकानंद चौक पुलिस स्टेशन का बाहरी दृश्य और मृतका महिला पुलिस कांस्टेबल प्रियंका चव्हाण की फाइल फोटो।

महाराष्ट्र के लातूर शहर से एक अत्यंत हृदय विदारक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। शहर के एक पुलिस स्टेशन में कार्यरत 28 वर्षीय महिला पुलिस कांस्टेबल प्रियंका चव्हाण ने शनिवार देर रात अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रियंका चव्हाण लातूर जिला पुलिस बल में चालक के पद पर तैनात थीं। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पुलिस बल के ही एक अधिकारी के साथ उनके प्रेम संबंध थे, किंतु इस रिश्ते में उत्पन्न हुए तनाव के कारण वे पिछले एक महीने से गंभीर मानसिक प्रताड़ना झेल रही थीं।

विचलित करने वाली बात यह है कि प्रियंका ने इस मानसिक उत्पीड़न के संबंध में एक महीने पहले ही पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि उस शिकायत पर कोई ठोस दंडात्मक या प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते वे गहरे अवसाद और नैराश्य में चली गईं। शनिवार रात करीब 11:30 बजे विवेकानंद चौक स्थित पुलिस क्वार्टर में अपने घर पर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम तथा आगे की जांच के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया।

फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस मामले के पीछे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए गहन छानबीन कर रहा है और सभी संभावित पहलुओं से पूछताछ की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच पूर्ण होने के बाद ही आत्महत्या की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी। यह घटना केवल एक युवा जीवन का अंत नहीं है, बल्कि सिस्टम के भीतर शिकायतों की अनसुनी और बढ़ते मानसिक दबाव की गंभीर स्थिति को भी उजागर करती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कदम उठाना अनिवार्य प्रतीत होता है।

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