तस्वीर में कसबा सांगाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठे हुए अतिथि, स्वास्थ्य अधिकारी और स्थानीय नागरिक दिखाई दे रहे हैं।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कसबा सांगाव के अंतर्गत विश्व स्तनपान सप्ताह 1 से 8 अगस्त 2026 के अवसर पर बुधवार, 5 अगस्त को स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को स्तनपान के महत्व, सही तरीके तथा मां और शिशु के स्वास्थ्य के लिए इसके दीर्घकालिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि शिशु के जन्म के बाद पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना अत्यंत आवश्यक है। जन्म के बाद निकलने वाला पहला पीला दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु की पहली वैक्सीन माना जाता है, जिससे नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। साथ ही माताओं को सलाह दी गई कि शिशु को पहले छह महीने तक केवल मां का दूध ही दिया जाए तथा छह महीने बाद पूरक आहार शुरू करने के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखा जाए।

कार्यक्रम में बताया गया कि स्तनपान से बच्चों का शारीरिक और बौद्धिक विकास बेहतर होता है, संक्रामक रोगों का खतरा कम होता है तथा माताओं में भी विभिन्न बीमारियों की आशंका कम करने में सहायता मिलती है। इसके अलावा मां और शिशु के बीच भावनात्मक संबंध अधिक मजबूत होने की जानकारी भी दी गई। उपस्थित माताओं की शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें संतुलित आहार, स्वच्छता तथा नवजात शिशुओं की देखभाल के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में पंचायत समिति की सभापति सुवर्णा पाटील, पंचायत समिति सदस्य तेजस्विनी भोरे, कसबा सांगाव की सरपंच वीरश्री जाधव, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी सौरभ शिंदे, चिकित्सा अधिकारी डॉ. वसुंधरा देशमुख, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आशा समूह प्रवर्तक, आशा कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताएं उपस्थित रहीं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि इस जागरूकता अभियान को नागरिकों और माताओं का उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिला। माता और शिशु के स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन लगातार किया जाता रहेगा।

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