कर्जमाफी ई-केवाईसी के नाम पर किसानों से वसूली, जालना प्रशासन ने दी कार्रवाई की चेतावनी

जालना में कर्जमाफी ई-केवाईसी के नाम पर किसानों से पैसे लेने की शिकायत, प्रशासन ने सीएससी केंद्रों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Update: 2026-08-01 11:33 GMT

तस्वीर में एक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) काउंटर पर कंप्यूटर स्क्रीन पर आधार ई-केवाईसी पोर्टल खुला हुआ है और एक व्यक्ति बायोमेट्रिक डिवाइस पर उंगली रखकर प्रक्रिया पूरी कर रहा है।

राज्य सरकार की कर्जमाफी प्रक्रिया के बीच जालना जिले में किसानों से आर्थिक लूट का मामला सामने आया है। कर्जमाफी के लिए जरूरी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क होने के स्पष्ट आदेश के बावजूद कुछ सीएससी (CSC) और महाऑनलाइन सेवा केंद्र संचालकों द्वारा किसानों से अवैध रूप से पैसे वसूले जाने की शिकायतें प्रशासन को मिली हैं।

शनिवार, 1 अगस्त 2026 को दोपहर 4 बजे मिली जानकारी के अनुसार, कर्जमाफी जैसी महत्वपूर्ण योजना में ही किसानों से पैसे लिए जाने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने इस प्रकार की शिकायतों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए संबंधित सीएससी केंद्रों को निलंबित करने की चेतावनी दी है। साथ ही किसानों से पैसे मांगने वाले केंद्र संचालकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।

कर्जमाफी के लिए आवश्यक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है और इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क लेने पर शासन ने स्पष्ट रोक लगाई है। इसके बावजूद कुछ केंद्र संचालकों द्वारा ई-केवाईसी के नाम पर किसानों से पैसे वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

इस मामले की पृष्ठभूमि में जिला प्रशासन ने सीएससी और महाऑनलाइन केंद्रों के कामकाज की समीक्षा की है। प्रशासन ने संबंधित केंद्र संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी परिस्थिति में किसानों से पैसे न लें। इसके बाद भी यदि नियमों का उल्लंघन कर शुल्क वसूला गया तो संबंधित केंद्र संचालकों के खिलाफ सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

निवासी उपजिलाधिकारी शशिकांत हदगाव ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि कर्जमाफी के लिए होने वाली ई-केवाईसी प्रक्रिया के लिए कोई भी शुल्क न दें। यदि कोई सीएससी या महाऑनलाइन केंद्र संचालक पैसे लिए बिना काम करने से इनकार करता है या शुल्क की मांग करता है, तो इसकी तत्काल जिला प्रशासन को शिकायत करें। ऐसे केंद्र संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन की चेतावनी के बाद भी यदि कुछ केंद्र संचालकों द्वारा नियमों का उल्लंघन जारी रहता है, तो उनके खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना है। प्रशासन ने किसानों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और नि:शुल्क सेवा प्राप्त करने के लिए ऐसे मामलों में सतर्क रहने का आह्वान किया है।

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