तस्वीर में बामणी गांव की ग्राम पंचायत के सामने कृषिकन्याएं और ग्रामीण हाथ में बैनर लिए और रंगोली के पास स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नजर आ रहे हैं।

कोल्हापुर : विजय मोरबाळे। भारत के स्वाधीनता संग्राम और देशभक्ति की भावना को जीवंत करते हुए 80वां स्वतंत्रता दिवस बामणी में कृषिकन्याओं की ओर से विभिन्न उपक्रमों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर कृषिकन्याओं ने ‘शेती, शेतकरी और राष्ट्रनिर्मिती’ का संदेश ग्रामीणों तक पहुंचाया और गांव में देशभक्ति का माहौल बनाया।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कृषिकन्याओं की ओर से कृषि रैली का आयोजन किया गया। रैली के माध्यम से कृषि क्षेत्र का महत्व, किसानों का योगदान, आधुनिक खेती, महिला सशक्तीकरण तथा देश की प्रगति में कृषि क्षेत्र की भूमिका को लेकर जनजागरण किया गया। कृषिकन्याओं की उत्स्फूर्त भागीदारी से पूरे गांव में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला।

ग्राम पंचायत के सामने कृषिकन्याओं ने आकर्षक और सुंदर रंगोली बनाई। रंगोली के माध्यम से तिरंगा, खेती और देशभक्ति का संदेश कलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। ग्रामीणों ने रंगोली की सराहना करते हुए कृषिकन्याओं की कलात्मकता को प्रोत्साहित किया।

इस दौरान विद्यामंदिर बामणी की ओर से कृषिकन्याओं का सम्मान किया गया। RAWE के तहत गांव में कृषि संबंधी उपक्रम, प्रदर्शन, जनजागरण कार्यक्रम और विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित करने के लिए कृषिकन्याओं का गौरव किया गया। सम्मान से कृषिकन्याओं का उत्साह बढ़ा और ग्रामीणों तथा कृषिकन्याओं के बीच स्नेह का संबंध और मजबूत हुआ।

कार्यक्रम के लिए बामणी के ग्रामीणों का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। ग्रामीणों ने उत्स्फूर्त सहभागिता दर्ज कराते हुए कृषिकन्याओं का उत्साह बढ़ाया। ग्रामीणों के सहयोग और कृषिकन्याओं के उत्साह से स्वतंत्रता दिवस समारोह आनंददायक और यादगार रहा।

इस उपक्रम के लिए RAWE समन्वयक डॉ. बी. टी. कोलगणे तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एम. आर. खराडे का मार्गदर्शन मिला। कार्यक्रम की योजना कृषिकन्याओं ज्ञानेश्वरी निकम, प्रियांका परमणे, रिद्धी काळे, सायली पवार, प्रिया कुलकर्णी और सायली काशिद ने तैयार की।

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