तस्वीर में मंच पर पारंपरिक पोशाक में नृत्य करती हुई लड़कियां दिख रही हैं.   

गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा मिलने के अवसर पर महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक परंपरा को देशभर में पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार शाम 6:30 बजे ‘लोककलेतील श्रीगणेश’ विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्य संचालनालय, महाराष्ट्र राज्य, मुंबई की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम महाराष्ट्रीय समाज, कोटा के सहयोग से महाराष्ट्रीय समाज, पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर सभागृह, डडवाड़ा, स्टेशन, कोटा (राजस्थान) में होगा।

समाज के प्रवक्ता विशाल उपाध्याय ने बताया कि कार्यक्रम में महाराष्ट्र की विविध लोककलाओं की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इनमें नमन, गण, जाखड़ी नृत्य, धनगरी नृत्य, कोली नृत्य तथा जागरण-गोंधल प्रमुख हैं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महाराष्ट्र के लोकजीवन, लोकपरंपरा और श्रीगणेश के प्रति भक्ति का दर्शन रसिकों को होगा।

अध्यक्ष अनिल खांडेकर एवं सचिव भावना काले ने बताया कि महाराष्ट्र की लोककला और लोकपरंपराओं को राज्य की सीमाओं से बाहर व्यापक मंच उपलब्ध कराना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले मराठी बंधुओं के साथ स्थानीय रसिकों को महाराष्ट्र के सांस्कृतिक वैभव से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। समन्वयक उदय साटम तथा महाराष्ट्रीय समाज, कोटा-राजस्थान के सहयोग से यह सांस्कृतिक कार्यक्रम साकार हो रहा है।

समाज के उपाध्यक्ष अमोल चावरेकर ने बताया कि यह सांस्कृतिक उपक्रम सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्री एड. आशीष शेलार की संकल्पना तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।

‘लोककलेतील श्रीगणेश’ के जरिए कोटा में महाराष्ट्र की विविध लोककलाओं, लोकपरंपराओं और श्रीगणेश भक्ति की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति एक साथ प्रस्तुत की जाएगी।

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