तस्वीर में चश्मा और तिलक लगाए चांदखेड़ी अध्यक्ष हुकम जैन काका मुस्कुराते दिख रहे हैं।

खानपुर। श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी खानपुर के अध्यक्ष हुकम जैन काका ने कहा कि क्षमावाणी पर्व आत्मशुद्धि और आपसी प्रेम का पर्व है। वर्षभर में जाने-अनजाने किसी के प्रति मन, वचन अथवा कर्म से हुई भूल के लिए क्षमा मांगना और दूसरों को हृदय से क्षमा करना जैन धर्म की महान परंपरा है।

हुकम जैन काका ने कहा कि क्षमा केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे अपने व्यवहार और जीवन में उतारना चाहिए। जब मनुष्य अपने अहंकार को छोड़कर विनम्रता के साथ क्षमा मांगता है और दूसरों की गलतियों को माफ करता है, तभी समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारा मजबूत होता है।

उन्होंने कहा कि क्षमावाणी आत्मावलोकन का अवसर भी देती है। यह पर्व व्यक्ति को अपनी कमियों को पहचानने और उन्हें दूर करने की प्रेरणा देता है। मन, वचन और कर्म से हुई भूलों के लिए क्षमा मांगने तथा दूसरों को हृदय से क्षमा करने की भावना से मन निर्मल होता है और आपसी संबंधों में प्रेम व सद्भाव मजबूत होता है।

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