धरती आभा योजना का छात्रावास निंबा में ही बने: ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
जैसलमेर में धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत स्वीकृत छात्रावास को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव से ग्रामीण नाराज हैं। भील समाज ने छात्रावास का निर्माण निंबा गांव में ही कराने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। क्या होगा निर्णय?
जैसलमेर में निंबा गांव के ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर ज्ञापन सौंपते हुए।
जैसलमेर। केंद्र सरकार की धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत स्वीकृत जनजातीय छात्रावास को निंबा गांव से हरबा स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। इस संबंध में आदिवासी भील समाज आरक्षण मंच के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय वंचित वर्ग न्यायाधिकार परिषद के युवा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र कुमार परमार के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर के समक्ष पेश हुआ और छात्रावास का निर्माण निंबा गांव में ही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि वर्ष 2024-25 में धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत छात्रावास निंबा गांव के लिए ही स्वीकृत हुआ था। उस समय ग्राम पंचायत मुख्यालय तोगा होने के कारण इसे वहां प्रस्तावित किया गया था, किंतु पंचायत पुनर्गठन के बाद हरबा के अलग ग्राम पंचायत बनने के उपरांत अब इसे हरबा स्थानांतरित किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। ग्रामीणों ने इस बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए तर्क दिया कि वर्तमान में निंबा गांव का विद्यालय क्रमोन्नत होकर उच्च माध्यमिक स्तर का हो चुका है, जबकि हरबा में केवल उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि छात्रावास हरबा में बनता है तो विद्यार्थियों को उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए निंबा आना पड़ेगा, जिससे इस योजना का मूल उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि निंबा अब एक स्वतंत्र ग्राम पंचायत है और यहां की लगभग 80 प्रतिशत आबादी जनजाति यानी भील समाज की है। अतः जिस गांव के लिए छात्रावास को स्वीकृत किया गया था, उसका निर्माण भी उसी स्थान पर किया जाना चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में धनाराम, हीराराम, नरपत राम, कस्तूर राम, भैराराम, स्वरूप राम, सगताराम, प्रताप राम, देवाराम, कुपाराम, खुशलाराम व भाखराम समेत निंबा गांव के भील एवं राजपूत समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए छात्रावास का निर्माण निंबा में ही कराने हेतु सकारात्मक कार्रवाई की पुरजोर अपील की है।