9 जुलाई को लौद्रवा में संत श्री गरवाजी का वार्षिक मेला, कुमावत समाज सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में
9 जुलाई को जैसलमेर के लौद्रवा में संत श्री गरवाजी महाराज का वार्षिक मेला एवं कुमावत समाज सम्मेलन होगा। तैयारियां अंतिम चरण में हैं और समाज से बड़ी भागीदारी का आह्वान किया गया है।
तस्वीर में कुछ लोग जैसलमेर के लौद्रवा में स्थित अखिल भारतीय कुमावत संत श्री गरवाजी सेवा भवन के सामने खड़े होकर आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।
जैसलमेर के श्री गरवाजी मंदिर, लौद्रवा में 9 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले संत शिरोमणि श्री गरवाजी महाराज के वार्षिक मेला एवं सामाजिक सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंदिर परिसर, मेला स्थल और आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक बनाने के लिए समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाजबंधु दिन-रात सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं।
समिति के महामंत्री मूलाराम मंगल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित की जा रही हैं। समिति का प्रयास है कि प्रदेश और देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को उत्कृष्ट व्यवस्था, आत्मीय स्वागत और धार्मिक वातावरण का अनुभव हो।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष समिति ने पूरे प्रदेश के साथ विभिन्न राज्यों में व्यापक जनसंपर्क एवं प्रचार-प्रसार अभियान चलाया, जिसे समाज का अभूतपूर्व समर्थन और सहयोग प्राप्त हुआ। जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर, बालोतरा, फलोदी, बीकानेर, नागौर, पोकरण, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ सहित अनेक जिलों तथा देश के विभिन्न शहरों में समाजबंधुओं से व्यक्तिगत संपर्क कर आमंत्रण पत्र वितरित किए गए। इसके साथ ही सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए भी प्रत्येक परिवार तक आयोजन का संदेश पहुंचाया गया। समिति के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाजबंधुओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर प्रचार-प्रसार को जन-जन तक पहुंचाया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
मेला संयोजक कुंदनलाल भटिया ने बताया कि देशभर से बड़ी संख्या में समाजबंधुओं के मेले में शामिल होने की सूचनाएं लगातार प्राप्त हो रही हैं। समिति द्वारा सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष का आयोजन भव्यता, अनुशासन, सेवा, श्रद्धा और सामाजिक सहभागिता की दृष्टि से अब तक का सबसे यादगार आयोजन सिद्ध होगा।
समिति अध्यक्ष अर्जुनलाल रसिया ने समस्त कुमावत समाज से भावपूर्ण आह्वान किया कि वे 9 जुलाई को अपने परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों सहित अधिकाधिक संख्या में श्री गरवाजी मंदिर, लौद्रवा धाम अवश्य पधारें। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि श्री गरवाजी महाराज का वार्षिक मेलावा एवं सामाजिक सम्मेलन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कुमावत समाज की एकता, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और संगठन शक्ति का सबसे बड़ा संगम है।
उन्होंने समाज के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाजबंधुओं से अपील की कि अंतिम समय तक अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान जारी रखें तथा अधिक से अधिक परिवारों को इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज की सामूहिक सहभागिता, सेवा भावना और एकजुटता से इस वर्ष का विराट वार्षिक मेलावा एवं सामाजिक सम्मेलन भव्यता, अनुशासन और जनसहभागिता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा तथा लौद्रवा धाम कुमावत समाज की एकता, आस्था और गौरव का ऐतिहासिक साक्षी बनेगा।