जयपुर के श्री अमरापुर स्थान में भक्ति भाव से मनाया राधा रानी का प्राकट्य उत्सव
जयपुर के श्री अमरापुर स्थान में शनिवार को राधा अष्टमी का पर्व भक्ति भाव से मनाया गया। राधा रानी की झूला झांकी, अरबी के व्यंजनों का भोग और संकीर्तन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
तस्वीर में जयपुर के श्री अमरापुर स्थान पर संत पीले वस्त्र और केसरिया टोपी पहने हुए हाथ जोड़कर प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं, जिनके पास फूलों से सजी हुई भव्य झांकी और तस्वीर सुशोभित है.
श्री अमरापुर स्थान जयपुर में शनिवार को आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊराम जी महाराज के साप्ताहिक जन्मोत्सव के साथ राधा रानी का प्राकट्य उत्सव राधा अष्टमी पर्व भक्ति भाव से मनाया गया। इस अवसर पर प्रातःकाल नित्य नियम प्रार्थना के साथ संत-महात्माओं ने राधे नाम का गुणगान किया।
संकीर्तन मंडली ने राधा रानी का गुणगान करते हुए विभिन्न भजनों की प्रस्तुति दी। “मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा बरसाये रखना.. मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों में लिपटाए रखना...” और “कृपा बरसाये रखना” जैसे भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। संकीर्तन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
राधा अष्टमी के अवसर पर श्री अमरापुर स्थान में भव्य झूला झांकी सजाई गई। झूले में राधा रानी को विराजमान कर उनका विशेष शृंगार किया गया। इस दौरान राधा रानी के प्रिय व्यंजन अरबी का भोग लगाया गया और मान-मनुहार की गई। संतों ने बताया कि राधा रानी जी को अरबी अति प्रिय थी। इसी मान्यता के अनुसार अरबी से विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार कर भोग अर्पित किए गए।
उत्सव के उपलक्ष्य में नन्ही-नन्ही कन्याओं ने राधा रानी का रूप धारण किया। कार्यक्रम में स्वामी मनोहर लाल जी महाराज, संत मोहन लाल जी महाराज, संत नवीन जी, संत हरीश जी, संत गुरुदास सहित संत-महात्मा और गणमान्यजन उपस्थित रहे। श्री अमरापुर स्थान जयपुर में आयोजित इस उत्सव में राधा रानी के गुणगान, संकीर्तन और भोग के माध्यम से राधा अष्टमी का पर्व मनाया गया।