शेखावाटी की 662 हवेलियों का होगा संरक्षण, जल संकट दूर करने और कनेक्टिविटी सुधारने पर जोर
राजस्थान सरकार शेखावाटी की 662 ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण, हेरिटेज टूरिज्म सर्किट, जल समझौतों और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकास, निवेश और विरासत संरक्षण की योजनाओं का विवरण दिया।
जयपुर में आयोजित शेखावाटी विरासत एवं विकास समिट के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना करते राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा।
जयपुर, 24 अक्टूबर। राजस्थान सरकार शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ जल संकट दूर करने, बिजली उत्पादन बढ़ाने, सड़क संपर्क मजबूत करने और पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शेखावाटी की 662 ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण के साथ सीकर, झुंझुनूं और चूरू को जोड़कर हेरिटेज टूरिज्म सर्किट विकसित कर रही है। इसके साथ ही जल उपलब्धता बढ़ाने, ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने और महत्वपूर्ण एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र के समग्र विकास को गति दी जा रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर में आयोजित शेखावाटी विरासत एवं विकास समिट को संबोधित करते हुए कहा कि शेखावाटी की वीरता, समृद्ध लोक संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत राजस्थान की गौरवशाली पहचान हैं। यहां के पूर्वजों की मेहनत, ईमानदारी और समर्पण ने इस क्षेत्र को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई है। क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियां और धार्मिक स्थल अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन के अनुरूप राज्य सरकार ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने के साथ उन्हें पर्यटन से जोड़ रही है, ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हों। सरकार जल और बिजली की उपलब्धता बढ़ाने, सड़क संपर्क बेहतर करने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से नई पीढ़ी को व्यवसाय और उद्योगों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजस्थानियों की मेहनत, हुनर और उद्यमशीलता की पहचान पूरी दुनिया में है। युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित कर उसे उद्यमिता और रोजगार सृजन के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, सामाजिक संगठनों, उद्यमियों, स्थानीय नागरिकों और प्रवासी शेखावाटीवासियों के सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री ने शेखावाटी फाउंडेशन के पदाधिकारियों, विरासत संरक्षण के लिए काम कर रहे लोगों और प्रवासी राजस्थानियों की सराहना करते हुए कहा कि शेखावाटी के उद्यमियों और भामाशाहों का देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान है। ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान में भी प्रवासी राजस्थानियों, भामाशाहों और सामाजिक संस्थाओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने कहा कि शेखावाटी का योगदान सीमा की सुरक्षा से लेकर देश की आर्थिक प्रगति तक महत्वपूर्ण रहा है।
प्रदेश में जल संकट को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी राजस्थान की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने राम जलसेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते जैसे महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। उन्होंने बताया कि राम जलसेतु लिंक परियोजना के तहत लगभग एक लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों में से लगभग 41 हजार करोड़ रुपये के कार्य शुरू हो चुके हैं। इस परियोजना से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के साथ पेयजल और औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना जल समझौते के माध्यम से सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों की जल आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से बाड़मेर और सांचौर सहित जालोर, भीनमाल एवं रानीवाड़ा क्षेत्र को नर्मदा जल समझौते का लाभ मिलने की संभावना है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी), किशाऊ बांध परियोजना, फिरोजपुर फीडर, जवाई जल परियोजना और अन्य योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की पेयजल एवं सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए काम किया जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों और होटल संचालकों को भी प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता से औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान अब बिजली खरीदने की बजाय दूसरे प्रदेशों को बिजली देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सड़क संपर्क को क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से सीकर, झुंझुनूं और चूरू सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ेंगे। साथ ही दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी राजस्थान के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। इससे कृषि उत्पादों का परिवहन और विपणन आसान होने के साथ लागत कम होगी। इसके अलावा औद्योगिक गतिविधियों तथा धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
शेखावाटी की विरासत के संरक्षण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की धरोहर केवल ऐतिहासिक हवेलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र का प्रत्येक कण ऐतिहासिक महत्व रखता है। सरकार का प्रयास है कि हवेलियों के मूल स्वरूप और पारंपरिक चित्रकारी को सुरक्षित रखते हुए उन्हें पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक हवेलियों और सांस्कृतिक धरोहरों के माध्यम से क्षेत्र में होटल और पर्यटन उद्योग के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार शेखावाटी क्षेत्र की 662 हवेलियों के संरक्षण के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीकर, झुंझुनूं और चूरू को शामिल करते हुए हेरिटेज टूरिज्म सर्किट विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। हवेलियों में चित्रकारी और पारंपरिक शिल्प का काम करने वाले स्थानीय कलाकारों एवं कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण देकर इस अभियान से जोड़ा जाएगा। इससे पारंपरिक कला को सुरक्षित रखने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपनी ऐतिहासिक हवेलियों और धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
निवेश के संबंध में मुख्यमंत्री ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए राजस्थान में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से लगभग 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग पूरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता निवेश को धरातल पर उतारकर उसका लाभ आमजन तक पहुंचाना है। शेखावाटी क्षेत्र में भी निजी निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है, जिससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार संभव होगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शेखावाटी की ऐतिहासिक विरासत, हवेलियों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 8 दिसंबर को शेखावाटी हेरिटेज मीट आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य देश-विदेश में बसे शेखावाटी के प्रवासियों को अपनी मातृभूमि की विरासत के संरक्षण, पर्यटन विकास और निवेश के अवसरों से जोड़ना है।
कार्यक्रम में विधायक गोपाल शर्मा, शेखावाटी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद गोयल, राष्ट्रीय संयोजक हरि शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री गजानंद शर्मा, राष्ट्रीय प्रभारी गिरधारी कैशोट और फाउंडेशन के अन्य पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में शेखावाटी अंचल के आमजन उपस्थित रहे।