दुनिया और एशिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों की सूची में चमके उदयपुर-जयपुर, राजस्थान को मिली वैश्विक पर्यटन पहचान
राजस्थान पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। ट्रैवल प्लस लीजर के वर्ष 2026 के 'विश्व के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार' में उदयपुर और जयपुर ने दुनिया और एशिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों की सूची में स्थान बनाया। जानिए इस उपलब्धि का पर्यटन और निवेश पर क्या असर पड़ सकता है।
तस्वीर में जयपुर का ऐतिहासिक हवा महल रोशन नजर आ रहा है, जिसके साथ ट्रैवल प्लस लीजर 2026 रैंकिंग के आंकड़े प्रदर्शित हैं।
राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। प्रतिष्ठित पर्यटन पत्रिका 'ट्रैवल प्लस लीजर' की ओर से जारी वर्ष 2026 के 'विश्व के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार' में राजस्थान के दो प्रमुख पर्यटन शहर उदयपुर और जयपुर ने एक साथ वैश्विक पहचान बनाई है। दोनों शहरों ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों और एशिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों की प्रतिष्ठित सूचियों में स्थान प्राप्त किया है।
जारी रैंकिंग के अनुसार, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों की सूची में उदयपुर को 12वां और जयपुर को 16वां स्थान मिला है। वहीं, एशिया के 15 सर्वश्रेष्ठ शहरों की सूची में उदयपुर आठवें और जयपुर दसवें स्थान पर रहा। इसे राजस्थान के पर्यटन की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और राज्य की मजबूत होती अंतरराष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है।
इस अवसर पर पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने कहा कि दुनिया और एशिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों की सूची में उदयपुर और जयपुर का शामिल होना पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश की समृद्ध विरासत, जीवंत संस्कृति, उत्कृष्ट आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व तथा उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार राजस्थान को विश्व पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस उपलब्धि से प्रदेश की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी तथा विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ पर्यटन निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
गौरतलब है कि 'ट्रैवल प्लस लीजर' की यह वार्षिक रैंकिंग दुनिया भर के यात्रियों के अनुभवों और उनके मतदान के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें किसी शहर की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन आकर्षण, स्थानीय खान-पान, आतिथ्य, भ्रमण अनुभव, खरीदारी, स्वच्छता और पर्यटकों की संतुष्टि सहित अनेक मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। इस वर्ष दुनिया भर के दो लाख सात हजार से अधिक पाठकों ने मतदान किया और दस हजार से अधिक शहरों, होटलों, विश्राम स्थलों, जलयात्राओं, विमान सेवाओं तथा अन्य पर्यटन अनुभवों का आकलन किया। पर्यटन जगत में इस सम्मान को सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मान्यताओं में गिना जाता है।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया और एशिया दोनों की सूची में एक साथ स्थान मिलना किसी भी पर्यटन गंतव्य के लिए असाधारण उपलब्धि है। इससे उस स्थान की वैश्विक विश्वसनीयता बढ़ती है, विदेशी पर्यटकों का भरोसा मजबूत होता है और पर्यटन निवेश को नई गति मिलती है। इसका सकारात्मक प्रभाव होटल उद्योग, हस्तशिल्प, परिवहन, स्थानीय व्यापार और पर्यटन आधारित रोजगार पर भी पड़ता है। ऐसे समय में जब राजस्थान सरकार विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लगातार नए प्रयास कर रही है, यह उपलब्धि राज्य के पर्यटन अभियान को और मजबूती देने वाली साबित होगी।
उदयपुर अपनी झीलों, राजमहलों, प्राकृतिक सौंदर्य और शाही आतिथ्य के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। वहीं, विश्व धरोहर शहर जयपुर अपनी गुलाबी स्थापत्य शैली, आमेर दुर्ग, हवा महल, जंतर-मंतर, सिटी पैलेस, पारंपरिक बाजारों, हस्तशिल्प और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की पहली पसंदों में शामिल है। यही विशेषताएं दोनों शहरों को लगातार वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिला रही हैं।
गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में विदेशों में पर्यटन प्रचार को विशेष प्राथमिकता दी है। विदेशों में आयोजित पर्यटन प्रदर्शनियों, रोड शो, निवेशक सम्मेलनों और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की विरासत, संस्कृति, वन्यजीव, धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन की व्यापक ब्रांडिंग की गई है। ऐसे में दुनिया और एशिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों की सूची में उदयपुर और जयपुर का स्थान हासिल करना राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।