राजस्थान में MSP पर फसल खरीद के लिए 2 नवंबर से पंजीकरण शुरू, 812 क्रय केंद्र स्थापित
राजफेड के 812 केंद्रों पर होगी मूंग, उड़द, सोयाबीन और मूंगफली की सरकारी खरीद, भुगतान सीधे आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा।
राजस्थान में खरीफ विपणन सीजन 2026 के तहत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की खरीद की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए किसानों का पंजीकरण 02 नवंबर 2026 से शुरू होगा। किसान राजफेड की वेबसाइट, ई-मित्र केंद्रों और Rajfed Kisan App के माध्यम से अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।
राजस्थान राज्य सहकारी क्रय-विक्रय संघ लिमिटेड (राजफेड) के प्रबंध निदेशक श्री सौरभ स्वामी ने बताया कि भारत सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026 के लिए चारों फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किए हैं। इसके अनुसार मूंग का समर्थन मूल्य 8,780 रुपये, उड़द का 8,200 रुपये, सोयाबीन का 5,708 रुपये और मूंगफली का 7,517 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
उन्होंने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार मूंग, उड़द और सोयाबीन की उपज में अधिकतम 12 प्रतिशत नमी की सीमा रखी गई है, जबकि मूंगफली में नमी की अधिकतम सीमा 8 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
खरीद व्यवस्था के लिए राज्यभर में कुल 812 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें मूंग के 315, मूंगफली के 284, उड़द के 136 और सोयाबीन के 77 क्रय केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से खरीफ विपणन सीजन 2026 के दौरान किसानों की उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी।
प्रबंध निदेशक श्री सौरभ स्वामी ने बताया कि प्रत्येक क्रय केंद्र पर अधिकतम 2,000 किसानों के पंजीकरण की सीमा निर्धारित की गई है। इसके साथ ही प्रत्येक किसान से मूंग, मूंगफली और सोयाबीन की अधिकतम 40 क्विंटल उपज की खरीद निर्धारित सीमा के अनुसार की जा सकेगी। हालांकि, उड़द की खरीद के लिए यह सीमा लागू नहीं होगी।
राजफेड ने किसानों से पंजीकरण कराने से पहले अपने आधार कार्ड और आधार से लिंक बैंक खाते से संबंधित विवरण की जांच करने तथा उन्हें सही एवं अद्यतन रखने की अपील की है। समर्थन मूल्य पर खरीदी गई उपज का भुगतान आधार आधारित भुगतान प्रणाली (ABPS) के जरिए सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में किया जाएगा।
श्री स्वामी ने यह भी बताया कि जिन गांवों में ऑनलाइन गिरदावरी उपलब्ध नहीं है, वहां के किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑफलाइन गिरदावरी के आधार पर पंजीकरण करवाना होगा। ऐसे गांवों की जिलावार सूची राजफेड के ओपीआर पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। इस तरह पंजीकरण से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया में किसानों के लिए आधार और गिरदावरी से संबंधित विवरण सही रखना महत्वपूर्ण होगा।