तस्वीर में बायीं से दाईं ओर खड़े लोग, नीचे बैठे व्यक्ति और बैग नजर आ रहे हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ट्रेनों के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत 08 सितंबर 2026 को एक और बड़ी कार्रवाई की। हिसार में कोटा–सिरसा एक्सप्रेस से 24.935 किलोग्राम डोडा चूरा पोस्त बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3,74,225 है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री पंकज शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में रेलवे सुरक्षा बल कानून और व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ ‘सेवा ही संकल्प’ के तहत आईजी-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री ज्योति कुमार सतीजा के कुशल नेतृत्व में लगातार रेलवे परिसर, रेल यात्रियों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित एवं दक्षता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में विभिन्न अभियानों के माध्यम से रेल यात्रियों को अलग-अलग तरीकों से सेवा प्रदान की जा रही है।

रेलवे सुरक्षा बल (यात्री सामान चोरी) टीम हिसार के प्रभारी उप निरीक्षक सतपाल सिंह, हेड कांस्टेबल शैलेन्द्र, हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र, कांस्टेबल दीपक सोलंकी तथा जीआरपी हिसार एनडीपीएस टीम द्वारा अपराध रोकथाम के लिए ट्रेन संख्या 19813 (कोटा–सिरसा एक्सप्रेस) में संयुक्त चेकिंग की जा रही थी। हिसार–मंडी आदमपुर स्टेशनों के मध्य जनरल कोच में चेकिंग के दौरान सीट के नीचे तीन लावारिस बैग मिले।

संदिग्ध स्थिति में एक यात्री टीम को देखकर जाने लगा। उसे रोककर पूछताछ की गई तो उसने तीनों बैग अपने बताए। मादक पदार्थ होने की संभावना पर आरपीएफ और जीआरपी टीम ने बैग एवं यात्री को मंडी आदमपुर स्टेशन पर उतारा और ड्यूटी मजिस्ट्रेट श्री अंशुमान ठुकराल को मौके पर बुलाया।

मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में बैगों की चेकिंग की गई। इस दौरान 24.935 किलोग्राम डोडा चूरा पोस्त बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3,74,225 (तीन लाख चौहत्तर हजार पांच सौ पच्चीस रुपये) है।

बरामद माल को सर्विसिल मोहर से सील कर जीआरपी द्वारा जब्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध राजकीय रेलवे पुलिस थाना, हिसार में FIR संख्या 94/2026, धारा 15 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

वर्ष 2026 में उत्तर पश्चिम रेलवे में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ऑपरेशन नारकोस के तहत कुल 53 मामलों में 5 क्विंटल 18 किलोग्राम अफीम, गांजा, डोडा चूरा व डोडा पोस्त, जिसकी कीमत ₹1,16,61,170 है, के साथ 33 तस्करों को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए राजकीय रेलवे पुलिस, सिविल पुलिस एवं नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सुपुर्द किया गया।

उत्तर पश्चिम रेलवे के इतिहास में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा मादक पदार्थों के खिलाफ की गई यह अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा यह सफलता ट्रेनों में नियमित गश्त, सीसीटीवी निगरानी और संदिग्धों की गहन तलाशी का परिणाम है। मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, राजकीय रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस के साथ निरंतर समन्वय कर कार्रवाई कर रहा है।

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