उत्तर पश्चिम रेलवे पर 'रेलवन ऐप' लोकप्रिय, डिजिटल भुगतान पर मिलेगी 3% छूट
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार 14 जनवरी से 14 जुलाई 2026 तक रेलवन ऐप से अनारक्षित टिकट बुकिंग पर 3% की विशेष छूट दी जाएगी।
भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों को बेहतर, पारदर्शी और तीव्र सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू किया गया है। इसी कड़ी में उत्तर पश्चिम रेलवे पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बहुउपयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म “रेलवन ऐप” उपलब्ध कराया गया है, जो यात्रियों के बीच बड़ी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह मोबाइल ऐप रेलवे से जुड़ी विभिन्न जानकारियों और सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल साबित हो रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे पर रेलवे टिकट, पार्सल, रिटायरिंग रूम, गुड्स तथा अन्य सभी प्रकार की सेवाओं के भुगतान के लिए ऑनलाइन डिजिटल पेमेंट का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की लगने वाली लंबी कतारों को कम करने और केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ”डिजिटल इंडिया“ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए अनारक्षित टिकट काउंटरों, पार्सल कार्यालयों, फूड स्टॉल तथा अन्य सभी सेवा केंद्रों पर डायनामिक क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली को पूरी तरह लागू कर दिया गया है। इस आधुनिक व्यवस्था से अब यात्री सीधे टिकट खिड़की पर ही बेहद आसानी से ऑनलाइन भुगतान कर रहे हैं, जिससे न केवल उनके बहुमूल्य समय की बचत हो रही है बल्कि यात्रा सुविधाओं में भी अभूतपूर्व विस्तार हुआ है।
श्री अमित सुदर्शन ने आगे बताया कि प्रमुख स्टेशनों के आरक्षण टिकट काउंटरों पर पीओएस (POS) मशीनों के माध्यम से पहले से ही डिजिटल भुगतान की उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त कई अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) भी स्थापित की गई हैं, जिनके जरिए यात्री डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके अपना अनारक्षित टिकट बेहद सुगमता से प्राप्त कर रहे हैं। इस उन्नत भुगतान प्रणाली के लागू होने से यात्रियों को रोजाना पेश आने वाली खुले पैसे की समस्या पूरी तरह समाप्त हो रही है तथा उन्हें बहुत ही कम समय में अत्यंत पारदर्शी और सुरक्षित टिकट सेवा मिल रही है। वर्तमान में यात्री पेटीएम, गूगल पे और फोनपे जैसे देश के बेहद लोकप्रिय और विश्वसनीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आसानी से अपना भुगतान पूरा कर रहे हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आने वाले सभी आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट काउंटरों तथा पार्सल कार्यालयों में क्यूआर कोड की पुख्ता सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके परिणामस्वरूप डिजिटल लेनदेन के आंकड़ों में एक उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके साथ ही, भारतीय रेल का नया मोबाइल ऐप ‘रेलवन’ यात्रियों के बीच बहुत तेज गति से अपनी पैठ बना रहा है। इस रेलवन ऐप की शुरुआत पिछले साल जुलाई के महीने में की गई थी, जिसे वर्तमान में यात्रियों के लिए एक प्रभावी ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’ के रूप में निरंतर विकसित किया जा रहा है। इस ऐप की कार्यप्रणाली को इतना सरल रखा गया है कि स्मार्टफोन रखने वाला कोई भी साधारण यात्री बड़ी ही आसानी से इसे अपने दैनिक उपयोग में ले सकता है।
रेलवे प्रशासन द्वारा डिजिटल बुकिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेलवन ऐप पर सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों से रेलवे के अनारक्षित टिकट बुक करने पर यात्रियों को सीधे 03 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। यह रियायती प्रावधान आर-वॉलेट को छोड़कर रेलवन ऐप पर अनारक्षित टिकट बुक करने और अन्य सभी प्रकार के डिजिटल भुगतान करने पर पूरी तरह लागू रहेगा। वहीं दूसरी ओर, यदि रेलवन ऐप पर आर-वॉलेट के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक किया जाता है, तो उस स्थिति में यात्रियों को 3 प्रतिशत बोनस कैशबैक के रूप में प्रदान करने की जो वर्तमान प्रणाली है, वह निरंतर जारी रहेगी। रेलवे द्वारा घोषित किया गया उपर्युक्त 3 प्रतिशत की छूट का यह विशेष और आकर्षक प्रस्ताव 14.01.2026 से लेकर 14.07.2026 की निर्धारित अवधि के दौरान प्रभावी रूप से लागू रहेगा।
वर्तमान में रेलवे प्रशासन द्वारा डिजिटल भुगतान को हर स्तर पर प्रोत्साहित करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, सघन जागरूकता अभियानों और अपने कर्तव्यनिष्ठ रेलवे कर्मचारियों के माध्यम से यात्रियों को लगातार प्रेरित और जागरूक किया जा रहा है। भारतीय रेल का मुख्य उद्देश्य अपने सम्मानित यात्रियों को सुविधाजनक, तेज, सुरक्षित और पूरी तरह से पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में रेलवे प्रशासन ने आम यात्रियों से पुरजोर अनुरोध किया है कि वे नकद के बजाय अधिक से अधिक डिजिटल भुगतान प्रणालियों का उपयोग करें और भारतीय रेलवे के इस ”डिजिटल इंडिया“ एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दें।