जयपुर में वंदे-गंगा जल संरक्षण अभियान शुरू, कलक्टर ने कराया जल पूजन
जिला कलक्टर संदेश नायक के नेतृत्व में जल संसाधन, पीएचईडी और भूजल विभाग ने चित्रकूट और जगतपुरा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू किया व्यापक भूजल पुनर्भरण कार्य।
राजस्थान की राजधानी में जल संकट के समाधान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संचय की नींव रखने के उद्देश्य से 'वंदे-गंगा’ जल संरक्षण जन अभियान-2026 ने एक निर्णायक मोड़ ले लिया है। मंगलवार को जयपुर जिले में जल संसाधन विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) एवं भूजल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित व्यापक गतिविधियों ने जल संरक्षण को एक सरकारी औपचारिकता से निकालकर जन-जन के आंदोलन में परिवर्तित कर दिया। जिला प्रशासन के नेतृत्व में शहरी और ग्रामीण अंचलों में वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन के लिए सामुदायिक चेतना का अभूतपूर्व प्रसार देखा गया।
जिला कलक्टर संदेश नायक ने इस अभियान की कमान संभालते हुए बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा जिले की जीवनदायिनी नदियों, झीलों, सरोवरों, मध्यम बांधों एवं नहर स्थलों पर श्रद्धापूर्वक जल पूजन कार्यक्रम संपन्न कराए गए। कृषि जगत की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए जल उपयोगिता संगमों और कृषकों के साझा सहयोग से नहरों एवं खालों की व्यापक साफ-सफाई व गाद निकालने (डी-सिल्टिंग) का कार्य युद्धस्तर पर किया गया। 'जल शक्ति अभियान: कैच द रेन' और 'जल संचय जनभागीदारी' कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल नवीन परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया, बल्कि पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया गया।
अभियान के तकनीकी पक्ष को सुदृढ़ करते हुए पीएचईडी ने नागरिकों को वर्षा जल संचयन संरचनाओं (आरटीडब्ल्यूएचएस) के निर्माण की बारीकियों से अवगत कराया। बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति के बीच आयोजित इन कार्यक्रमों में जल की एक-एक बूंद बचाने की शपथ दिलाई गई और जल परीक्षण अभियानों के जरिए सुरक्षित पेयजल की गुणवत्ता व उसके महत्व पर प्रकाश डाला गया। भूजल विभाग ने 'कर्मभूमि से मातृभूमि' पहल के अंतर्गत सरकारी व सार्वजनिक भवनों में स्थापित रिचार्ज संरचनाओं का निरीक्षण किया और वहां स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 'हरियालो राजस्थान' के तहत किए गए पौधारोपण ने इस जल अभियान को पर्यावरणीय पूर्णता प्रदान की।
प्रशासनिक स्तर पर तत्परता दिखाते हुए चित्रकूट एवं जगतपुरा क्षेत्र की नवीन वर्षा जल संचयन व भूजल पुनर्भरण संरचनाओं को तत्काल अभियान के दायरे में लाते हुए उनकी स्वीकृति और पोर्टल पर अद्यतन की कार्यवाही सुनिश्चित की गई। विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आमजन की इस सक्रिय भागीदारी ने सिद्ध कर दिया है कि जल संरक्षण मात्र एक नीति नहीं, बल्कि जीवन की अनिवार्य पद्धति है। जिला प्रशासन के कड़े निर्देशों और जनता के अटूट सहयोग से जयपुर में जल संचयन की यह मुहिम राजस्थान के जल भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो रही है।