उत्तर पश्चिम रेलवे ने आयोजित की जीएसटी क्षमता संवर्धन संगोष्ठी
जयपुर मुख्यालय में आयोजित वर्चुअल वर्कशॉप में बिल प्रोसेसिंग के दौरान सही फ्लैगिंग से अधिकतम इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) प्राप्त करने पर दिया गया जोर।
तस्वीर में उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारी सभागार में बैठक के दौरान चर्चा करते हुए।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने जीएसटी प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन और पात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए बिलों के प्रसंस्करण में लेन-देन की सही फ्लैगिंग पर जोर दिया है। इसी उद्देश्य से 9 अक्टूबर 2026 को उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय, जयपुर स्थित सभागार में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विषय पर वर्चुअल क्षमता संवर्धन संगोष्ठी आयोजित की गई।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार, मुख्य वित्त सलाहकार श्री बत्ती लाल मीना के मार्गदर्शन में आयोजित इस संगोष्ठी का उद्देश्य जीएसटी प्रावधानों की समझ को सुदृढ़ करना, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ प्राप्त करने के लिए लेन-देन की सही फ्लैगिंग सुनिश्चित करना और रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुरूप पात्र जीएसटी लाभों का अधिकतम उपयोग करना था।
क्षमता संवर्धन की इस पहल के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे की विभिन्न लेखा इकाइयों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को बिलों के प्रसंस्करण के दौरान लेन-देन की सटीक फ्लैगिंग के महत्व से अवगत कराया गया। सही फ्लैगिंग से पात्र आईटीसी का उचित लाभ प्राप्त करने, अनुमन्य कर क्रेडिट के नुकसान को रोकने और जीएसटी संबंधी प्रावधानों के अनुपालन को मजबूत करने में मदद मिलती है।
संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों को श्री विष्णु बजाज, वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी/बी एंड बी, रेलवे के कई लेखा अधिकारियों तथा उत्तर पश्चिम रेलवे के चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं जीएसटी सलाहकार श्री एम.बी. माहेश्वरी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने बिलों के प्रसंस्करण के दौरान लेन-देन की सही पहचान और फ्लैगिंग की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न लेखा इकाइयों में जीएसटी प्रावधानों के एकरूप और प्रभावी अनुपालन के लिए जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस संगोष्ठी में लगभग 50 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इनमें उत्तर पश्चिम रेलवे की विभिन्न लेखा इकाइयों के प्रमुखों सहित अन्य संबंधित कार्मिक शामिल रहे। संगोष्ठी के दौरान विभिन्न मंडलों और इकाइयों की ओर से जीएसटी संबंधी विषयों तथा लेन-देन की फ्लैगिंग को लेकर उठाए गए प्रश्नों का वित्त अधिकारियों और जीएसटी सलाहकार ने समाधान किया। इससे दैनिक बिल प्रसंस्करण के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के निराकरण में सहायता मिली।
उत्तर पश्चिम रेलवे की यह पहल क्षमता निर्माण, वित्तीय प्रक्रियाओं में सुधार और पात्र आईटीसी के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण है। लेखा कार्मिकों के तकनीकी ज्ञान में वृद्धि और जीएसटी संबंधी प्रक्रियाओं में एकरूपता को बढ़ावा देने के माध्यम से इस कार्यक्रम का उद्देश्य बिल प्रसंस्करण की सटीकता सुधारना, कर अनुपालन को सुदृढ़ बनाना तथा लागू नियमों और रेलवे बोर्ड के निर्देशों के तहत अनुमन्य सीमा तक पात्र आईटीसी का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करना है।