पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने रचा इतिहास, तुफानगंज से रुद्रपुर तक भेजी मक्के की पहली खेप

पश्चिम बंगाल से उत्तराखंड के बीच 1310 टन मक्के का हुआ सफल परिवहन, रेलवे को एक ही फेरे से मिला 30 लाख रुपये से अधिक का माल राजस्व।

Update: 2026-05-30 13:20 GMT

मालीगांव, 30 मई, 2026:

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने माल परिवहन के रणनीतिक क्षेत्र में एक और अभूतपूर्व और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार मंडल के अंतर्गत आने वाले तुफानगंज स्टेशन से उत्तराखंड के रुद्रपुर सिटी स्टेशन तक पहली बार मक्के (मक्का) की सफलतापूर्वक लोडिंग शुरू करके रेलवे ने वाणिज्यिक परिवहन की दिशा में एक नया अध्याय लिख दिया है। संख्या 162 के तहत जारी इस आधिकारिक सूचना के बाद से व्यापारिक और कृषि जगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

इस बड़े घटनाक्रम के मुख्य विवरण के अनुसार, बीते 27 मई, 2026 को तुफानगंज स्टेशन से रुद्रपुर सिटी स्टेशन तक सुदूर परिवहन के लिए कुल 1310.4 टन मक्का सफलतापूर्वक लोड किया गया। इस विशेष मालगाड़ी के परिचालन और परिवहन से पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे को कुल 30,20,944 रुपये का भारी-भरकम माल राजस्व प्राप्त हुआ है, जो इसके व्यावसायिक नेटवर्क की बढ़ती ताकत को प्रमाणित करता है।

चालू माह मई 2026 के दौरान, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने अलीपुरद्वार मंडल के अधीन आने वाले विभिन्न स्टेशनों से मक्का लोडिंग के क्षेत्र में असाधारण और उल्लेखनीय ट्रैफिक दर्ज किया है। इस रणनीतिक प्रयास से न केवल माल परिवहन को भारी बढ़ावा मिला है, बल्कि रेलवे के कुल राजस्व अर्जन में भी एक बेहद महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित हुआ है। आंकड़ों के सिलसिलेवार ब्यौरे के मुताबिक, 15 मई 2026 को तुफानगंज स्टेशन से उत्तर रेलवे के बठिण्डा के लिए मक्के की एक पूरी रैक लोड करके रवाना की गई थी। इसके ठीक बाद, 21 मई 2026 को पुनः तुफानगंज से ही खेमकरन के लिए मक्के की एक और बड़ी रैक भेजी गई। इस लगातार जारी सिलसिले के अतिरिक्त, 26 मई 2026 को फालाकाटा स्टेशन से खड़गपुर के लिए मक्के की एक और रैक रवाना की गई। इन तीनों रैक के सफल और त्वरित परिवहन से रेलवे को कुल मिलाकर लगभग 90.19 लाख रुपये का विशाल माल राजस्व प्राप्त हुआ।

इस नई और सुचारू माल परिवहन सेवा का सफल संचालन देश की कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं को अत्यधिक मजबूत करने और अंतरराज्यीय व्यापार कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर बढ़ाने में रेलवे के निरंतर बढ़ते और अपरिहार्य महत्व को सीधे तौर पर दर्शाता है। यह संपूर्ण कवायद कृषि उत्पादों के सुरक्षित और तीव्र परिवहन के लिए भारतीय रेलवे को एक विश्वसनीय, अत्यधिक किफायती और पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल माध्यम के रूप में स्थापित करने की दिशा में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के निरंतर और भगीरथ प्रयासों को भी प्रत्यक्ष रूप से प्रदर्शित करती है।

आधिकारिक और नीतिगत प्रतिबद्धता के तहत पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे अपने माल संचालन के कार्यों का निरंतर विस्तार करने और देश के किसानों, व्यापारियों तथा संपूर्ण कारोबारी समुदायों के लिए अत्यंत कुशल व बाधारहित लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराने के प्रति पूर्णतः संकल्पित है। रेलवे प्रशासन को पूर्ण विश्वास है कि ऐसी दूरगामी पहलों से आने वाले समय में रेलवे के माध्यम से सामग्री परिवहन को और अधिक तीव्र बढ़ावा मिलेगा, जिससे न केवल क्षेत्रीय आर्थिक विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी बल्कि देश का माल परिवहन ढांचा भी पहले से कहीं अधिक मजबूत और सुदृढ़ होकर उभरेगा।

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