नशामुक्त भारत रैली: जयपुर पहुंचे राइडर्स, अजमेर के लिए रवाना
केंद्रीय गृह मंत्री के 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत विभिन्न सुरक्षा बलों की यह मोटरसाइकिल रैली अजमेर के रास्ते गुजरात के एकता नगर जाएगी।
नशामुक्त भारत और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर निकली राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली गुरुवार सुबह जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल पहुंची। यहां राजस्थान के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने राइडर्स का स्वागत कर उनका उत्साहवर्धन किया। ‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ थीम पर आयोजित इस रैली को डीजीपी ने हरी झंडी दिखाकर अजमेर के लिए रवाना किया। पुलिस बैंड की धुनों और जयपुरवासियों की तालियों के बीच राइडर्स ने नशे के खिलाफ जागरूकता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राइडर्स की वर्दी, भाषा और खानपान अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी का लक्ष्य एक ही है—नशामुक्त भारत का निर्माण। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए सभी को एकजुट होकर सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि बाइक राइडर्स केवल यात्री नहीं, बल्कि नशामुक्त भारत के संदेशवाहक हैं और उनकी असली ताकत अनुशासन है।
डीजीपी ने राइडर्स को 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल होने के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने राइडर्स को स्वयं नशे से दूर रहने, परिवार और समाज को नशामुक्त रखने, राष्ट्रीय एकता बनाए रखने तथा किसी भी आयोजन में नशीले पदार्थ नहीं परोसने की शपथ दिलाई।
श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस जल्द ही नशामुक्त राजस्थान के लिए व्यापक अभियान शुरू करेगी। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक लड़ाई है। इस अभियान में जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी की अहम भूमिका रहेगी।
अल्बर्ट हॉल के सामने राइडर्स ने विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स, पुलिसकर्मियों और आमजन से संवाद कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति के तन और मन के साथ पूरे परिवार को प्रभावित करता है। नशे से नुकसान के अलावा कोई फायदा नहीं है। सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी विभिन्न सुरक्षा बल निभा रहे हैं, इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहकर देश का भविष्य मजबूत करने में योगदान देना चाहिए। राइडर्स ने स्वयं ड्रग फ्री रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सहित विभिन्न केंद्रीय बलों, पुलिस संगठनों और राज्य पुलिस के राइडर्स भाग ले रहे हैं। जयपुर में राजस्थान पुलिस के राइडर्स भी रैली में शामिल हो गए हैं। इसमें कांस्टेबल से लेकर आईजी स्तर तक के अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री वी.के. सिंह ने बताया कि रैली बुधवार शाम जयपुर पहुंची थी। इस दौरान आमेर फोर्ट पर राइडर्स का स्वागत किया गया। इसके बाद गुरुवार सुबह चतुर्थ बटालियन आरएसी, पांचवीं बटालियन आरएसी और राजस्थान पुलिस अकादमी से राइडर्स अलग-अलग समूहों में अल्बर्ट हॉल पहुंचे। यहां से रैली को अजमेर के लिए रवाना किया गया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रैली 22 अक्टूबर को अजमेर पहुंचेगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को चित्तौड़गढ़-उदयपुर और 24 अक्टूबर को गांधीनगर के लिए रवाना होगी। यह रैली सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड से जुड़ी है। ‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ थीम के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में डीजीपी (कानून-व्यवस्था) श्री संजय कुमार अग्रवाल, डीजीपी (यातायात) श्रीमती मालिनी अग्रवाल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एनसीसी कैडेट्स, विद्यार्थी और जयपुरवासी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली के जरिए नशामुक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हुए राइडर्स अजमेर के लिए रवाना हुए।