जयपुर के मानसरोवर स्थित मां जगदम्बा मंदिर में आयोजित नवरात्रि उत्सव और विशाल जागरण के दौरान माता रानी की झांकियों के समक्ष उपस्थित सेवादार व श्रद्धालु.   

जयपुर के मानसरोवर स्थित मां जगदम्बा मंदिर में नवरात्रि का पर्व इस वर्ष भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। विजय पथ स्थित मंदिर में पिछले 25 वर्षों की परंपरा के अनुसार नौ दिनों तक माता रानी की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान दुर्गा पाठ, भजन, महाआरती, कन्या पूजन और विशाल जागरण का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने शामिल होकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में 121/94, विजय पथ स्थित मां जगदम्बा मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव में भक्तों ने पूर्ण श्रद्धाभाव से माता रानी की आराधना की। प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मां भगवती का विशाल जागरण आयोजित किया गया। श्री हीरालाल जी की अध्यक्षता में हुए इस जागरण में श्री विजय सोनी जी और उनके कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी।

जागरण के दौरान राधा-किशन, हनुमान जी महाराज, भगवान शिव-पार्वती और माता जी की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर वार्ड नंबर 48 के पार्षद श्री सिद्धार्थ जी भी उपस्थित रहे। मंदिर में पहुंचने पर भक्तों ने उन्हें माता की चुनरी पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने गुरु मां मीरा देवी जी को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया।

मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, गुरु मां मीरा देवी जी बचपन से ही सरल और मधुर स्वभाव की थीं। उन्होंने बचपन से ही मां काली की भक्ति की। भक्तों के अनुसार, उनकी सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर माता काली ने उन्हें अपार शक्तियों के रूप में आशीर्वाद दिया। इसके बाद गुरु मां ने जयपुर में अपने ही घर में एक छोटा-सा मंदिर बनाया। इस मंदिर में मां दुर्गा, मां काली और माता पिंडी रानी की चमत्कारी गुफा के साथ बाबा भेरू जी का मंदिर भी स्थापित किया गया।

बताया जाता है कि गुरु मां गुफा में मां काली की आराधना कर दुखी भक्तों की समस्याओं के निवारण के लिए प्रार्थना करती थीं। मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, माता के आशीर्वाद से निसंतान लोगों को संतान प्राप्त हुई, निर्धनों को माया मिली और रोगियों को निरोग होने का आशीर्वाद मिला। भक्तों का विश्वास है कि माता की कृपा से अनेक लोगों के दुख दूर हुए और उनकी मनोकामनाएं पूरी हुईं।

गुरु मां मीरा देवी जी अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन भक्तों का मानना है कि उनकी कृपा आज भी पहले की तरह सभी पर बनी हुई है। श्रद्धालुओं की आस्था है कि सच्चे मन से अपनी मुराद लेकर मंदिर पहुंचने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। भक्त मंदिर में मां की चमत्कारी शक्ति और गुरु मां के आशीर्वाद के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

नौ दिनों तक चले इस आयोजन को सफल बनाने में श्री हीरालाल जी की अध्यक्षता में गौरव भैया, रवि भैया, सुन्दर, शीलू, रॉकी, हिमांशु, यश, लवली, नरेश, सुनील, दिव्या, कंचन, सिमरन और अनेक सेवादारों ने निस्वार्थ भाव से सेवा दी। सभी सेवादारों ने आयोजन में सहयोग कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में संपन्न नवरात्रि उत्सव और विशाल जागरण ने भक्तों को सामूहिक पूजा-अर्चना और भक्ति के अवसर से जोड़ा।

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