मदन राठौड़ का गहलोत पर निशाना, राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद के आचरण पर मांगा जवाब
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने जयपुर में अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात की प्रक्रिया, राहुल गांधी के कथित व्यवहार और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल से जुड़े मामले पर जवाब मांगा।
तस्वीर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ जयपुर में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए अपने विचार रख रहे हैं।
जयपुर, 10 अक्टूबर 2026। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद एवं जेएनयू के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल से जुड़े मामलों पर भी अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयुक्त से मिलने के लिए सैकड़ों लोगों को ले जाना और शक्ति प्रदर्शन करना उचित प्रक्रिया नहीं है। राठौड़ ने कांग्रेस को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी शिकायतें और तर्क प्रस्तुत करने की सलाह दी।
मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेताओं को निर्वाचन आयुक्त से मिलने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की सलाह दी थी। एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के अध्यक्ष के नाते उनकी सलाह लोकतांत्रिक संस्थाओं के समक्ष अपनी बात रखने की प्रक्रिया से संबंधित थी। निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात के लिए एक निर्धारित संख्या में प्रतिनिधिमंडल को समय लेकर अपनी शिकायतें और तर्क प्रस्तुत करने चाहिए। कांग्रेस को भी इसी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस कभी 240 तो कभी 400 लोगों के साथ निर्वाचन आयुक्त से मिलने की बात करती है। किसी भी विषय पर निर्वाचन आयुक्त के समक्ष तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी बात रखी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्वाचन आयुक्त की पैरवी करने का विषय नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के समक्ष अपनी बात रखने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने का मामला है। उनके अनुसार, कांग्रेस वास्तविक शिकायतों के समाधान के बजाय इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने और मीडिया में चर्चा बनाए रखने का प्रयास कर रही है। ऐसे में अशोक गहलोत का भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सलाह पर प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अशोक गहलोत की सार्वजनिक छवि रही है, इसलिए उन्हें राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर अपनी पार्टी के नेताओं के आचरण पर भी स्पष्ट रूप से बोलना चाहिए। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित अभद्र व्यवहार का उल्लेख करते हुए कहा कि गहलोत को इस मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
राठौड़ ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और शालीनता का पालन करना प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद लोकतंत्र में महत्वपूर्ण और सम्माननीय है। इस पद पर आसीन व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि उसका व्यवहार भी पद की गरिमा के अनुरूप हो। उन्होंने अशोक गहलोत से राहुल गांधी को सार्वजनिक जीवन की मर्यादा बनाए रखने की सलाह देने की बात कही।
कांग्रेस सांसद एवं जेएनयू के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल से जुड़े छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार के मामले पर भी मदन राठौड़ ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि अंक बढ़ाने के बदले छात्राओं से उनकी अस्मिता की मांग की गई, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है। शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए। राठौड़ के अनुसार, केवल निलंबन जैसी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और ऐसे व्यक्ति को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।
राठौड़ ने महिला पुलिसकर्मी के प्रति राहुल गांधी के कथित आचरण और कांग्रेस सांसद पर छात्राओं के यौन शोषण से जुड़े आरोपों का उल्लेख करते हुए दोनों घटनाओं को देश के लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला बताया। उन्होंने सवाल किया कि अशोक गहलोत इन दोनों मामलों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान, महिलाओं की गरिमा और छात्राओं की सुरक्षा जैसे विषयों पर राजनीति से ऊपर उठकर गंभीरता दिखाना आवश्यक है। उन्होंने गहलोत से इन मामलों पर स्पष्ट रुख रखने की मांग की।