कांवड़ यात्रा-2026: राजस्थान पुलिस अलर्ट, डीजीपी के सख्त निर्देश, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर विशेष फोकस

राजस्थान पुलिस ने कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के निर्देश जारी किए हैं। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा और एडीजी वी.के. सिंह ने कांवड़ियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश, प्रतिबंध और पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष आदेश जारी किए हैं।

Update: 2026-07-30 13:19 GMT

जयपुर, 30 जुलाई। कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस कानून एवं व्यवस्था श्री वी.के. सिंह ने सभी संबंधित जिला पुलिस अधिकारियों को कांवड़ यात्रा के दौरान आपसी समन्वय, सतर्कता और प्रभावी पुलिस प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

एडीजी कानून एवं व्यवस्था श्री वी.के. सिंह ने बताया कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेंगे। गत वर्ष लगभग 4.5 करोड़ श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों के आने के मद्देनजर इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए राजस्थान पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्थान पुलिस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी कांवड़ यात्री एवं श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान अपना मूल एवं वैध पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि, अनिवार्य रूप से अपने साथ रखना होगा। यात्रा के लिए केवल निर्धारित पारंपरिक कांवड़ मार्गों एवं वैकल्पिक नहर पटरी मार्गों का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन पर देने को कहा गया है। सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों पर पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही एंटी-सबोटाज एवं चेकिंग कार्रवाई में पूर्ण सहयोग करने तथा व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और अन्य यात्रियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखने की भी अपील की गई है।

पुलिस ने यात्रा के दौरान कई गतिविधियों पर स्पष्ट प्रतिबंध भी लगाया है। निर्देशों के अनुसार हॉकी, डंडे, त्रिशूल, बेसबॉल बैट या किसी भी प्रकार का हथियार साथ ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों अथवा शराब का सेवन सख्त वर्जित होगा। नवनिर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ियों का पैदल अथवा वाहनों से आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। डाक कांवड़ या अन्य वाहनों, जैसे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली, में अत्यधिक तेज आवाज वाले शक्तिशाली डी.जे. सिस्टम एवं लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। खाना बनाने के लिए वाहनों में एलपीजी सिलेंडर ले जाना भी प्रतिबंधित रहेगा, क्योंकि इससे आगजनी या दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके अलावा रेलगाड़ियों अथवा बस, ट्रक सहित अन्य वाहनों की छतों पर बैठकर यात्रा करना पूर्णतः वर्जित एवं दंडनीय होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों पर यातायात बाधित करने वाली मानक से अधिक बड़े आकार की कांवड़ या झांकियां निकालने की भी अनुमति नहीं होगी।

एडीजी कानून एवं व्यवस्था श्री वी.के. सिंह ने फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी सीमावर्ती पुलिस अधिकारियों से कांवड़ यात्रा के दौरान कानून एवं शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता बरतने को कहा है। पुलिस कर्मियों को कांवड़ मार्गों, मुख्य राजमार्गों एनएच-58, एनएच-73, एनएच-74 तथा संवेदनशील स्थलों पर सघन एंटी-सबोटाज चेकिंग और प्रभावी नाकाबंदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देशों में पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ निरंतर सूचनाओं के आदान-प्रदान को बनाए रखने, श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशीलता एवं सेवा भाव से व्यवहार करने तथा डी.जे., गैस सिलेंडर और प्रतिबंधित सामग्री की रोकथाम के लिए शुरुआती प्वाइंट्स पर ही प्रभावी चेकिंग एवं समझाइश की कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही कांवड़ियों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों के बीच किसी भी प्रकार का विवाद होने की स्थिति में पुलिसकर्मियों को स्थानीय स्तर पर तत्काल उसका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्थान पुलिस ने कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ सुचारु यातायात और प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

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