जयपुर में धूमधाम से मना सिंधी समाज का असूचंड महोत्सव, 100 से अधिक झूलेलाल मंदिरों में पूजा-अर्चना
जयपुर में सिंधी समाज ने एकता और सद्भावना के साथ असूचंड महोत्सव मनाया। 100 से अधिक मंदिरों में भगवान झूलेलाल की पूजा-अर्चना और ज्योत प्रज्वलित की गई।
जयपुर के राजापार्क स्थित झूलेलाल अमर लाल मंदिर में असूचंड महोत्सव के दौरान ध्वज वंदना करते हुए संत पूज्य स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज व अन्य श्रद्धालु।
जयपुर में सोमवार को सिंधी समाज का महापर्व असूचंड महोत्सव एकता, सद्भावना और भगवान श्री झूलेलाल की आराधना के साथ धूमधाम से मनाया गया। लघु काशी गुलाबी नगरी जयपुर में इस अवसर पर 100 से भी अधिक भगवान श्री झूलेलाल मंदिरों में पूजा-अर्चना, आरती और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘आयो लाल, झूलेलाल’ के जयघोष के साथ समाज के लोगों ने श्रद्धा और भक्ति से महोत्सव मनाया।
जयपुर स्थित आस्था और भक्ति के प्रमुख केंद्र श्री अमरापुर स्थान में सुबह 6 बजे और शाम 6 बजे भगवान श्री झूलेलाल साईं की ज्योत प्रज्वलित की गई। इस दौरान भगवान झूलेलाल की महिमा के भजन गाए गए तथा मीठे चावल और छोले का पारंपरिक भोग लगाया गया।
श्री अमरापुर स्थान, जयपुर के संत पूज्य स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज एवं संत मंडली ने सुबह 9 बजे सिंधी कॉलोनी, राजापार्क स्थित झूलेलाल अमर लाल मंदिर में ध्वज वंदना की और ज्योत प्रज्वलित की। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 7 बजे जवाहर नगर सेक्टर 5 स्थित भगवान झूलेलाल मंदिर में ज्योत प्रज्वलित की गई। यहां संतों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वचन दिए।
महोत्सव के क्रम में रात 8 बजे अग्रवाल फार्म स्थित शीश महल झूलेलाल मंदिर में भगवान झूलेलाल की महाआरती आयोजित की गई। इसमें शामिल होकर श्रद्धालुओं ने विश्व शांति के लिए पल्लव प्रार्थना की। इसके बाद रात 8.30 बजे पृथ्वीराज नगर स्थित एस एस पैराडाइस में पूज्य झूलेलाल सेवा समिति के कार्यक्रम में संतों के श्रीमुख से आशीर्वचन दिए गए।
एकता और सद्भावना के इस महापर्व पर पूज्य स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज ने समाज के सभी वर्गों को आपसी एकता और सद्भावना के साथ मिल-जुलकर रहने का संदेश दिया। उन्होंने पर्व और उत्सवों को मिल-जुलकर मनाने का आह्वान करते हुए असूचंड महोत्सव को एकता का महापर्व बताया।
इस अवसर पर स्वामी मनोहर लाल जी, संत मोहन लाल जी महाराज, संत नवीन जी, संत हरीश जी और संत गुरुदास जी सहित अन्य संत उपस्थित रहे। श्री अमरापुर स्थान, जयपुर सहित विभिन्न झूलेलाल मंदिरों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से सिंधी समाज ने भगवान श्री झूलेलाल के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और एकता, सद्भावना तथा विश्व शांति का संदेश दिया।