जयपुर डेयरी ने शुरू की सरस मोबाइल लैब, डेनमार्क मशीन से होगी दूध की जांच
एफ.टी.आई.आर. तकनीक से लैस यह प्रयोगशाला मौके पर ही दूध के 24 मानकों की जांच कर किसानों को सही भुगतान और उपभोक्ताओं को शुद्धता सुनिश्चित करेगी।
जयपुर, 03 नवंबर। दूध में मिलावट पर शिकंजा कसने और दुग्ध गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए जयपुर डेयरी ने आधुनिक तकनीक से लैस सरस चल (मोबाइल) प्रयोगशाला शुरू की है। यह मोबाइल लैब अब सीधे ग्रामीण क्षेत्रों की दुग्ध सहकारी समितियों तक पहुंचकर मौके पर ही दूध की शुद्धता की जांच कर रही है। खास बात यह है कि डेनमार्क से आयातित अत्याधुनिक मशीन के माध्यम से एक ही परीक्षण में दूध के 24 अलग-अलग मानकों की जांच की जा रही है।
पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बताया कि जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) की इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता इसमें स्थापित अत्याधुनिक मशीन है। डेनमार्क से आयातित यह मशीन एफ.टी.आई.आर. (Fourier Transform Infrared) तकनीक पर आधारित है। इसकी मदद से एक ही टेस्ट में दूध के 24 अलग-अलग मानकों की बारीकी से जांच की जा सकती है।
इस जांच में फैट, एस.एन.एफ. (SNF), प्रोटीन और लैक्टोज सहित दूध में किसी भी संभावित मिलावट का पता लगाया जाता है तथा उसकी सटीक रिपोर्ट उपलब्ध होती है। मोबाइल प्रयोगशाला बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे दुग्ध सहकारी समितियों पर पहुंचकर दूध के नमूनों की जांच करती है। अब तक जयपुर डेयरी क्षेत्र की लगभग 612 दुग्ध सहकारी समितियों में आकस्मिक निरीक्षण यानी सरप्राइज चेकिंग की जा चुकी है। इस व्यवस्था के माध्यम से दूध में मिलावट करने वाले तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की कार्रवाई की जा रही है।
इस आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था का सीधा लाभ दुग्ध उत्पादक किसानों और आम उपभोक्ताओं को मिल रहा है। श्री कुमावत ने कहा कि मौके पर ही दूध की सटीक जांच होने से किसानों को उनके दूध की वास्तविक गुणवत्ता के आधार पर सही और पूरा भुगतान मिलना सुनिश्चित हुआ है। वहीं, मिलावट पर कड़ा नियंत्रण होने से शहरी उपभोक्ताओं तक शुद्ध और सुरक्षित दुग्ध उत्पाद पहुंच रहे हैं।
जयपुर डेयरी की यह पहल दुग्ध गुणवत्ता की जांच व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के साथ तकनीकी उन्नति की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। डेनमार्क की एफ.टी.आई.आर. तकनीक से लैस मोबाइल प्रयोगशाला के जरिए ग्रामीण दुग्ध समितियों तक पहुंचकर की जा रही आकस्मिक जांच से किसानों के भुगतान में गुणवत्ता आधारित पारदर्शिता और उपभोक्ताओं को शुद्ध दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिल रही है।