गुजरात में पहली सॉल्ट कंटेनर ट्रेन रवाना, 5 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शिवलखा से मीठापुर के लिए ट्रेन को रवाना किया, साथ ही कच्छ में रेल लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 5 कार्गो टर्मिनल समर्पित किए।
तस्वीर में स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी फूलों से सजी ट्रेन को हरी झंडी दिखाते हुए।
अहमदाबाद, 15 सितंबर 2026। गुजरात में रेलवे के बुनियादी ढाँचे, माल परिवहन सुविधाओं, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और यात्री रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न रेलवे परियोजनाओं एवं यात्री सुविधाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शुभारंभ किया। इस दौरान शिवलखा से भारत की पहली सॉल्ट कंटेनर ट्रेन को मीठापुर के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
कार्यक्रम में शिवलखा, भीमासर, देवलिया, चंडीसर तथा लिंच स्थित पाँच गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों (GCTs) को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इसके साथ ही अंजार स्टेशन पर ट्रेन संख्या 22829/22830 भुज–शालीमार एक्सप्रेस के ठहराव का भी शुभारंभ किया गया।
अपने संबोधन में रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज का कार्यक्रम रेलवे में नवाचार और नई सोच को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे के कार्य करने के तरीके में व्यापक परिवर्तन आया है। नई समस्याओं के नए समाधान खोजने, नवाचार को अपनाने और क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के लिए तकनीक आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में रेलवे निरंतर कार्य कर रहा है।
गुजरात और विशेष रूप से कच्छ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नमक का उत्पादन होता है। नमक प्रत्येक परिवार की आवश्यक वस्तु है और इसे देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाना आवश्यक है। पारंपरिक तरीके से नमक को रेलवे वैगनों में परिवहन करने में वैगन के वजन और नमक के वजन के बीच अपेक्षित संतुलन की समस्या आती थी। इसके अलावा नमक में नमी सोखने की प्रवृत्ति के कारण लंबी दूरी के परिवहन के दौरान गुणवत्ता और हैंडलिंग से जुड़ी समस्याएँ भी उत्पन्न होती थीं।
इन चुनौतियों के समाधान के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए स्टेनलेस स्टील सॉल्ट कंटेनर विकसित किए गए हैं। इनमें ऊपर से लोडिंग और साइड से अनलोडिंग की सुविधा है। कंटेनर को टिल्ट करने पर नमक आसानी से बाहर निकाला जा सकता है। स्टेनलेस स्टील के उपयोग से नमक और कंटेनर के वजन के बीच आवश्यक संतुलन भी प्राप्त किया गया है।
इसी नवाचार के परिणामस्वरूप शिवलखा से भारत की पहली सॉल्ट कंटेनर ट्रेन को मीठापुर के लिए रवाना किया गया। यह पहल गुजरात के नमक उत्पादन क्षेत्रों को देश के विभिन्न बाजारों से रेल के माध्यम से जोड़ने की दिशा में कदम है। कंटेनरीकृत नमक परिवहन से माल की सुव्यवस्थित, सुरक्षित और अधिक प्रभावी आवाजाही को बढ़ावा मिलेगा। इससे नमक उत्पादकों और संबंधित व्यापारिक गतिविधियों को देश के विभिन्न हिस्सों तक रेल के माध्यम से पहुँच बनाने में सुविधा होगी। साथ ही, यह रेल आधारित माल परिवहन की हिस्सेदारी बढ़ाने, लॉजिस्टिक्स लागत और समय को अनुकूलित करने तथा माल ढुलाई के लिए आधुनिक परिवहन विकल्प उपलब्ध कराने में सहायक होगा।
रेल मंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल पॉलिसी की शुरुआत की गई थी। वर्तमान में देशभर में 150 से अधिक गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल कार्यरत हैं। कार्यक्रम के माध्यम से गुजरात में पाँच गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इन टर्मिनलों से आधुनिक माल प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार होगा तथा रेल आधारित माल परिवहन को नई गति मिलेगी।
वर्तमान में कच्छ जिले में लगभग ₹5,600 करोड़ की लागत के विभिन्न रेलवे और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें सामाख्याली, भुज, भचाऊ, भीलड़ी और गांधीधाम जैसे प्रमुख स्टेशनों एवं क्षेत्रों से संबंधित परियोजनाएँ शामिल हैं।
भीमासर स्थित AFGB गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल का विकास Arya Freight Terminal Pvt. Ltd. द्वारा किया गया है। परियोजना में लगभग ₹75 करोड़ का कुल निवेश किया गया है, जिसमें लगभग ₹24.21 करोड़ का रेलवे परियोजना घटक शामिल है। लगभग 52 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह टर्मिनल गांधीधाम–सामाख्याली सेक्शन पर स्थित है तथा कंटेनर और सामान्य माल की हैंडलिंग के लिए विकसित किया गया है। टर्मिनल की अनुमानित क्षमता लगभग 60 आउटवर्ड और 60 इनवर्ड रेक प्रति माह है। परियोजना से लगभग 1,000 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
देवलिया स्थित WCGD गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल का विकास Western Carriers (India) Ltd. द्वारा किया गया है। इस परियोजना में लगभग ₹65 करोड़ का कुल निवेश है, जिसमें लगभग ₹16.28 करोड़ का रेलवे परियोजना घटक शामिल है। लगभग 41 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह टर्मिनल सामाख्याली–ध्रांगध्रा सेक्शन पर स्थित है। यहाँ मुख्य रूप से कंटेनर और सामान्य माल की हैंडलिंग की जाएगी। परियोजना से लगभग 1,000 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की संभावना है।
चंडीसर स्थित ATGC गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल का विकास Emirates Terminals Pvt. Ltd. द्वारा किया गया है। परियोजना में लगभग ₹75 करोड़ का कुल निवेश है, जिसमें लगभग ₹14 करोड़ का रेलवे परियोजना घटक शामिल है। लगभग 23 एकड़ क्षेत्र में स्थित यह टर्मिनल पालनपुर–सामाख्याली सेक्शन पर है तथा मुख्य रूप से कंटेनर ट्रैफिक के लिए विकसित किया गया है। टर्मिनल की अनुमानित क्षमता लगभग 10 आउटवर्ड और 10 इनवर्ड रेक प्रति माह है। परियोजना से लगभग 400–500 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
शिवलखा स्थित KEGS गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल का विकास KMT Engg. Pvt. Ltd. द्वारा किया जा रहा है। परियोजना की प्रस्तावित कुल लागत लगभग ₹200 करोड़ है, जबकि रेलवे परियोजना लागत लगभग ₹12.97 करोड़ है। लगभग 150 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह टर्मिनल सामाख्याली–पालनपुर सेक्शन पर स्थित है। यहाँ कंटेनर ट्रैफिक के साथ रेलवे वैगन निर्माण और संबंधित लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। यहाँ नए निर्मित रेलवे वैगनों के लगभग 2–3 रेक प्रति माह आउटवर्ड मूवमेंट तथा लगभग 10 कंटेनर रेक प्रति माह हैंडल किए जाने की संभावना है। इस परियोजना से लगभग 2,000–2,500 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की संभावना है।
लिंच में गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल के विकास से क्षेत्र में माल हैंडलिंग क्षमता में वृद्धि, आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार तथा उद्योगों और व्यवसायों को रेल के माध्यम से माल परिवहन के अधिक प्रभावी विकल्प उपलब्ध होंगे। गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी से गुजरात में माल परिवहन के लिए अतिरिक्त आधारभूत संरचना तैयार होगी तथा रेल आधारित लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा।
रेल मंत्री ने कच्छ क्षेत्र में रेलवे द्वारा किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। सामाख्याली–भचाऊ सेक्शन का फोर लाइनिंग कार्य पूरा हो चुका है, जबकि भचाऊ–गांधीधाम सेक्शन में तीसरी और चौथी लाइन का कार्य प्रगति पर है। गांधीधाम–आदिपुर सेक्शन का फोर लाइनिंग कार्य पूरा हो चुका है तथा आदिपुर–भुज सेक्शन को सिंगल लाइन से डबल लाइन में परिवर्तित किया जा रहा है।
कच्छ के व्यापक रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भुज–नलिया गेज कन्वर्जन परियोजना को वर्ष 2024 में राष्ट्र को समर्पित किया गया। इसके अलावा नलिया–जखाऊ पोर्ट नई रेल लाइन को स्वीकृति दी गई है। नलिया से वायोर, नारायण सरोवर, लखपत, हाजीपुर और लूणा होते हुए देसलपुर तक कच्छ को जोड़ने वाली नई रेल लाइन को भी स्वीकृति दी गई है। इससे कच्छ क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान ट्रेन संख्या 22829/22830 भुज–शालीमार एक्सप्रेस के अंजार स्टेशन पर ठहराव का शुभारंभ किया गया। यह सुविधा अंजार और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण यात्री सुविधा है। इस ठहराव से यात्रियों को भुज–शालीमार एक्सप्रेस के माध्यम से देश के विभिन्न प्रमुख शहरों और महत्वपूर्ण गंतव्यों तक अधिक सुविधाजनक रेल यात्रा का लाभ मिलेगा।
अंजार से ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों को अन्य स्टेशनों तक जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे समय और अतिरिक्त यात्रा व्यय की बचत होगी। यह सुविधा विशेष रूप से व्यापारियों, नौकरीपेशा यात्रियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों तथा लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी होगी। इससे अंजार की क्षेत्रीय और अंतरराज्यीय रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर गुजरात सरकार के राज्य मंत्री श्री त्रिकमभाई छांगा, महापौर श्रीमती दिव्याबेन नाथानी, सांसद श्री विनोदभाई चावडा तथा विधायक श्रीमती मालतीबेन महेश्वरी की उपस्थिति में गोपालपुर रेलवे स्टेशन का उद्घाटन भी किया गया। नए स्टेशन के विकास से क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं को मजबूती मिलेगी तथा आसपास के यात्रियों के लिए रेल परिवहन की पहुँच बेहतर होगी।
गोपालपुर स्टेशन के विकास का एक महत्वपूर्ण परिचालन लाभ यह है कि अहमदाबाद और भुज की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए गांधीधाम में इंजन रिवर्सल की आवश्यकता नहीं होगी। इससे परिचालन समय की बचत होगी तथा ट्रेनों के संचालन को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।
शिवलखा, भीमासर, देवलिया, चंडीसर, लिंच तथा गांधीधाम आदि स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में गुजरात सरकार के राज्य मंत्री श्री त्रिकमभाई छांगा, सांसदगण श्री विनोदभाई चावडा, श्री बाबूभाई देसाई, श्री चंदूभाई शिहोरा एवं श्री राजूभाई शुक्ला तथा विधायकगण श्री प्रकाशभाई वरमोरा, श्री वीरेन्द्रसिंह जाडेजा, श्री अनिकेत ठाकर, श्रीमती मालतीबेन महेश्वरी, श्रीमती दिव्याबेन नाथानी, श्री सुखाजी ठाकोर एवं श्री मुकेशभाई पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
इन परियोजनाओं के माध्यम से गुजरात में रेल आधारित माल परिवहन, आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाओं, औद्योगिक गतिविधियों और व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। साथ ही यात्रियों के लिए रेल कनेक्टिविटी और सुविधाओं में भी महत्वपूर्ण सुधार होगा।