वेस्ट बैंक में बढ़ती सेटलर हिंसा के बीच इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा।

इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली सेटलरों की हिंसक गतिविधियों को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों की आलोचना तेज हो गई है। अमेरिकी फोटो पत्रकार और यूरोपीय राजनयिकों पर हुए हमलों के बाद इजरायल पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बढ़ा है। इन घटनाओं ने क्षेत्र में सेटलर हिंसा और इजरायली सरकार की नीतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज कर दी है।

हाल के वर्षों में वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ सेटलरों की हिंसा बढ़ने की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर के अंत से शुरू हुए जैतून की फसल के मौसम में ऐसी घटनाओं में तेजी आई है। फिलिस्तीनी किसानों, पत्रकारों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों पर हमलों के कारण अमेरिका तथा यूरोपीय देशों की चिंता बढ़ी है।

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायली बस्तियों को अवैध माना जाता है। इसके बावजूद वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार की योजनाओं को लेकर इजरायल की आलोचना होती रही है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार की नीतियों और सेटलरों की हिंसा पर प्रभावी कार्रवाई की मांग अब उसके पश्चिमी सहयोगियों के बीच भी प्रमुख मुद्दा बन गई है।

अमेरिका और यूरोप की आलोचना के केंद्र में सेटलरों की हिंसा पर जवाबदेही सुनिश्चित करने का सवाल है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि फिलिस्तीनियों, पत्रकारों और विदेशी प्रतिनिधियों पर हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।

वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा और बस्तियों के विस्तार को लेकर जारी विवाद ने इजरायल के सामने कूटनीतिक चुनौती बढ़ा दी है। अमेरिका और यूरोपीय देशों की आलोचना के बीच अब निगाहें इस बात पर हैं कि इजरायली अधिकारी सेटलरों की हिंसा पर अंकुश लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।