ईरान और यूक्रेन तनाव के बीच रूस और अमेरिका के संबंध रणनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं।

मॉस्को। ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कथित चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। दावा किया जा रहा है कि रूस ने गुप्त कूटनीतिक माध्यमों से वॉशिंगटन को संदेश भेजकर स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया तो मॉस्को को यूक्रेन में उसी स्तर की सैन्य कार्रवाई करने की खुली छूट मिल जाएगी। हालांकि, इस कथित संदेश की रूस या अमेरिका की ओर से अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रिपोर्टेड दावे के अनुसार, रूसी सरकार ने बैकचैनल यानी गुप्त कूटनीतिक माध्यमों के जरिए अमेरिकी प्रशासन तक अपनी चेतावनी पहुंचाई है। इसमें कहा गया है कि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है। रूस ने इस कथित संदेश में यूक्रेन युद्ध को भी जोड़ते हुए संकेत दिया है कि यदि अमेरिका ईरान पर परमाणु हमला करता है तो मॉस्को यूक्रेन में समान स्तर की सैन्य कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा और अपने सैन्य विकल्पों पर किसी तरह की पाबंदी नहीं मानेगा।

इसका अर्थ है कि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल केवल मध्य पूर्व तक सीमित रहने वाला घटनाक्रम नहीं होगा, बल्कि इसका सीधा असर रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-रूस संबंधों पर भी पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में पहले से जारी अंतरराष्ट्रीय तनाव और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इससे पहले भी यूक्रेन युद्ध में पश्चिमी देशों की भूमिका और रूस की सुरक्षा को लेकर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी दे चुके हैं। सितंबर 2024 में उन्होंने रूस की परमाणु नीति में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। इसके तहत उन परिस्थितियों का दायरा बढ़ाया गया था, जिनमें रूस परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर विचार कर सकता है। रूस लगातार चेतावनी देता रहा है कि यूक्रेन युद्ध में पश्चिमी देशों की सीधी सैन्य भागीदारी के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद भी रूस ने इन सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना की थी। रूस ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान पर हुए हमलों और क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर अपनी चिंता जताई थी।

इसी बीच, मार्च 2026 में प्रकाशित वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया था कि रूस ने ईरान को मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, युद्धपोतों और विमानों से संबंधित खुफिया जानकारी मुहैया कराई थी। हालांकि, रूस ने ईरान को सैन्य मदद देने के आरोपों से इनकार किया है।

यदि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होता है तो उसके परिणाम अमेरिका-ईरान संघर्ष तक सीमित नहीं रहेंगे। रूस की कथित चेतावनी सही साबित होने की स्थिति में यूक्रेन युद्ध में भी तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। इससे अमेरिका और रूस के बीच सीधे टकराव का खतरा बढ़ने की आशंका है।