जापान शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम: भारत के लिए 52% उड़ानें बढ़ीं
जापान ने शीतकालीन 2026 शेड्यूल को दी मंजूरी; भारत के लिए उड़ानें 52 फीसदी बढ़ीं, चीन के मार्गों में बड़ी गिरावट दर्ज।
जापान ने शीतकालीन 2026 अंतरराष्ट्रीय उड़ान कार्यक्रम को मंजूरी देकर कई रूट तय किए।
जापान ने शीतकालीन 2026 के लिए 130 एयरलाइंस की निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के कार्यक्रमों को मंजूरी दे दी है। जापान के भूमि, अवसंरचना, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय की ओर से दी गई यह मंजूरी 25 अक्टूबर 2026 से 27 मार्च 2027 तक लागू रहने वाले शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम के लिए है। इस दौरान भारत के लिए उड़ानों में 52 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि चीन के लिए उड़ानों में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
25 से 31 अक्टूबर 2026 तक के शुरुआती सप्ताह में कुल 6,094.5 साप्ताहिक राउंड ट्रिप उड़ानें निर्धारित की गई हैं। इनमें यात्री सेवाओं की 5,524.5 और मालवाहक सेवाओं की 570 राउंड ट्रिप उड़ानें शामिल हैं। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कुल उड़ानों में 2 प्रतिशत की कमी आई है। यात्री उड़ानों में 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि मालवाहक उड़ानों में 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, चीन के लिए उड़ानों में 49 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, एशियाई मार्गों पर उड़ानों में वृद्धि हुई है। दक्षिण कोरिया के लिए उड़ानें 18 प्रतिशत, ताइवान के लिए 11 प्रतिशत, हांगकांग के लिए 10 प्रतिशत, मलेशिया के लिए 25 प्रतिशत और भारत के लिए 52 प्रतिशत बढ़ी हैं। यूरोपीय मार्गों पर भी विस्तार दर्ज किया गया है। यूनाइटेड किंगडम के लिए उड़ानों में 13 प्रतिशत और फिनलैंड के लिए 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
एयरलाइन श्रेणी के आधार पर विदेशी विमानन कंपनियों की साप्ताहिक राउंड ट्रिप उड़ानों में 5 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह संख्या 222 उड़ानों के बराबर है। वहीं, जापानी विमानन कंपनियों की उड़ानों में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे साप्ताहिक राउंड ट्रिप उड़ानों की संख्या में 67.5 का इजाफा हुआ है।
जापान के पांच प्रमुख हवाई अड्डों में टोक्यो के नरीता हवाई अड्डे पर उड़ानों में 4 प्रतिशत, टोक्यो के हानेदा हवाई अड्डे पर 2 प्रतिशत और फुकुओका हवाई अड्डे पर 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके विपरीत, ओसाका के कंसाई हवाई अड्डे पर उड़ानों में 17 प्रतिशत और नागोया के चुबू हवाई अड्डे पर 16 प्रतिशत की गिरावट आई है।
क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर कुल मिलाकर उड़ानों में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यहां चीन के लिए सेवाओं में 86 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि दक्षिण कोरिया के लिए उड़ानें 21 प्रतिशत, ताइवान के लिए 19 प्रतिशत, हांगकांग के लिए 15 प्रतिशत, सिंगापुर के लिए 125 प्रतिशत और वियतनाम के लिए 133 प्रतिशत बढ़ी हैं।
शीतकालीन कार्यक्रम के तहत कई नए अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग भी शुरू किए जा रहे हैं। एयर बुसान 25 अक्टूबर से बुसान-कागोशिमा मार्ग पर सप्ताह में तीन राउंड ट्रिप उड़ानें संचालित करेगी। स्टारलक्स एयरलाइंस 25 अक्टूबर से ताइचुंग-नागोया/चुबू मार्ग पर सप्ताह में पांच राउंड ट्रिप उड़ानें शुरू करेगी, जिन्हें 1 नवंबर से बढ़ाकर सात किया जाएगा।
टाइगरएयर ताइवान 27 अक्टूबर से काऊशुंग-कुमामोटो मार्ग पर सप्ताह में दो राउंड ट्रिप उड़ानें संचालित करेगी। एयर न्यूजीलैंड 27 नवंबर से क्राइस्टचर्च-टोक्यो/नरीता मार्ग पर सप्ताह में चार राउंड ट्रिप उड़ानें शुरू करेगी। एयर प्रीमिया 2 दिसंबर से इंचियोन-साप्पोरो/चितोसे मार्ग पर सप्ताह में चार राउंड ट्रिप उड़ानें संचालित करेगी।
यूनाइटेड एयरलाइंस 11 दिसंबर से सैन फ्रांसिस्को-साप्पोरो/चितोसे मार्ग पर सप्ताह में तीन राउंड ट्रिप उड़ानें शुरू करेगी। एयर कनाडा 18 दिसंबर से वैंकूवर-साप्पोरो/चितोसे मार्ग पर सप्ताह में तीन राउंड ट्रिप उड़ानें संचालित करेगी। वियतजेट एयर 20 दिसंबर से दा नांग-ओसाका/कंसाई मार्ग पर सप्ताह में चार राउंड ट्रिप उड़ानें शुरू करेगी।
कोरियन एयर 23 दिसंबर से इंचियोन-हिरोशिमा मार्ग पर सप्ताह में सात राउंड ट्रिप उड़ानें संचालित करेगी। एयरो के भी 23 दिसंबर से चेओंगजू-कुमामोटो मार्ग पर सप्ताह में तीन राउंड ट्रिप उड़ानें शुरू करने की योजना है। इसके बाद स्टारलक्स एयरलाइंस 1 जनवरी 2027 से काऊशुंग-नाहा मार्ग पर सप्ताह में सात राउंड ट्रिप उड़ानें संचालित करेगी।
जापान की ओर से घोषित उड़ान कार्यक्रम में अर्किया इजरायली एयरलाइंस के टोक्यो/नरीता-तेल अवीव मार्ग को शामिल नहीं किया गया है। स्थानीय समाचार पत्र द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइन को वेट-लीज व्यवस्था के तहत इस सेवा के संचालन के लिए जापानी अधिकारियों से अनुमति नहीं मिली थी। एयरलाइन पहले ही इस मार्ग के लिए टिकटों की बिक्री निलंबित कर चुकी है।
जापान के शीतकालीन 2026 के अंतरराष्ट्रीय उड़ान कार्यक्रम में कुल 130 एयरलाइंस को मंजूरी दी गई है। आंकड़े एशियाई और यूरोपीय मार्गों पर अलग-अलग रुझानों को दर्शाते हैं। भारत के लिए उड़ानों में 52 प्रतिशत वृद्धि और कई नए मार्गों की शुरुआत इस कार्यक्रम के प्रमुख बदलावों में शामिल हैं, जबकि चीन के लिए सेवाओं में गिरावट और अर्किया इजरायली एयरलाइंस के मार्ग का शामिल न होना भी घोषित कार्यक्रम के महत्वपूर्ण पहलू हैं।